देहरादून: दून अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल बनाने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर डाक्टर अपनी जेब भर रहे हैं। एमएस डा. केके टम्टा की एक जांच में डाक्टरों का यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। उन्होंने इमरजेंसी के सभी ईएमओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कुछ माह पूर्व मेडिकल के नाम पर गड़बड़ी और अवैध वसूली की शिकायत एमएस को मिली थी। वहीं, इमरजेंसी से मेडिकल मद में बहुत कम राजस्व अस्पताल को मिल रहा था। उन्होंने सख्ती करते हुए यहां पर अपने नंबर के साथ बोर्ड लगाए थे। जिन पर शिकायतें आने लगीं। इस पर इमरजेंसी से हर माह 10 से 20 हजार रुपये इस मद में आने लगे। लेकिन पिछले माह केवल 3600 रुपये ही आने पर एमएस को शक हुआ।
उन्होंने 16 और 17 अक्तूबर को बने मेडिकल की जांच की। पता चला कि जिन मेडिकल को प्राइवेट होना चाहिये था, वह एक्सीडेंटल केस में दर्ज हुए हैं। वहीं, लोगों से मेडिकल फीस वसूली गई है। एमएस डा. केके टम्टा ने बताया कि सभी ईएमओ से जवाब तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि लड़ाई झगडे, बीमारी में प्राइवेट मेडिकल बनवाने की फीस 150 रुपये है। एमएस डा. केके टम्टा ने इमरजेंसी में गड़बड़ी रोकने एवं लोगों को जागरूक करने के लिए मेडिकल फीस के संबंध में दो बोर्ड इमरजेंसी के बाहर चस्पा कराए थे। लेकिन यहां बोर्ड पर एमएस के नंबर पर कागज और टेप लगाकर उन्हें छिपा दिया गया है।
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