पटनाः बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने विश्व मात्स्यिकी दिवस-2018 समारोह में भाग लिया। सुशील कुमार ने कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलित कर की। इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूरों के कल्याण के लिए 13 योजनाएं कार्यान्वित हैं। वर्ष 2005 में बिहार में कुल मछली का उत्पादन 2.79 लाख मैट्रिक टन था जो दुगूने से ज्यादा बढ़कर वर्ष 2017-18 में 5 लाख 87 हजार मैट्रिक टन हो गया।
उन्होंने कहा कि 2005 में मेरे मंत्री बनने के पूर्व इस विभाग के सभी मंत्री जेल जा चुके थे। चर्चित चारा घोटाला का केंद्र भी यह विभाग था। इस मृतप्राय विभाग को जीवित करने हेतु हैदराबाद का दौरा किया और मछली पालन के नई तकनीक से अवगत हुआ।बतौर मंत्री मैने बिहार के मछुआरों का जत्था प्रशिक्षण हेतु आंध्र प्रदेश भेजना शुरू किया। हमारे मछुआरे इस बात से बिल्कुल अनजान थे कि मछली को चारा भी खिलाया जाता है। आज बिहार में मछली उत्पादन में जो क्रांति हुई है, वह उस दौरे और प्रशिक्षण का परिणाम है।
सुशील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ने कृषि की दशा और दिशा बदलने हेतु 13 विभागों को मिलाकर कृषि रोड मैप का गठन किया है। मछली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 2022 में 5.87 से बढ़ाकर 8 लाख मैट्रिक टन किया जाएगा। पिछले साल हमने 32 हजार मैट्रिक टन मछली नेपाल, सिलीगुड़ी, अमृतसर तथा गौरखपुर जैसे अन्य राज्यों में निर्यात किया। वर्ष 2022 में 8 लाख मीट्रिक टन निर्यात करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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