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यूपी: विश्वविद्यालयों-कालेजों में बिना परीक्षा पास होंगे प्रथम वर्ष के छात्र

लखनऊ। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जाएगा। जबकि अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा अगस्त के मध्य तक कराई जाएगी। परिणाम 31 अगस्त तक घोषित होंगे। यह जानकारी  मंगलवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दी।

उन्होंने बताया कि वे छात्र जो पिछले साल प्रथम वर्ष में प्रोन्नत हुए थे, उनकी भी द्वितीय वर्ष की परीक्षा होगी। शैक्षणिक सत्र 2021-2022 की शुरुआत 13 सितंबर से होगी। गाइडलाइंस के अनुसार, स्नातक व स्नातकोत्तर के 41 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाओं और उन्हें बिना परीक्षा पास करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

ऐसे विश्वविद्यालय जहां स्नातक कोर्सों के प्रथम वर्ष की परीक्षा संपन्न नहीं हुई हैं, उनके छात्रों को द्वितीय वर्ष में प्रमोट कर दिया जाएगा और वर्ष 2022 में होने वाली उनकी द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर उनके प्रथम वर्ष का परिणाम व अंक तय किए जा सकते हैं।

स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए कहा गया है कि ऐसे विश्वविद्यालय जहां वर्ष 2020 में प्रथम वर्ष की परीक्षाएं हुई थीं, वहां प्रथम वर्ष के अंकों के आधार पर द्वितीय वर्ष के परिणाम या अंक तय किए जा सकते हैं और छात्रों को तृतीय वर्ष में प्रमोट किया जाएगा।

जिन विश्वविद्यालयों में 2020 में स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं होने के कारण परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के द्वितीय वर्ष में प्रमोट किया गया था, वहां अब स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराई जाएगी।

ये निर्देश आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, लॉ और एग्रीकल्चर के स्नातक व परास्नातक कोर्सों के लिए जारी किए गए हैं। इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग अलग से निर्देश जारी करेगा। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जहां परीक्षाएं नहीं हुईं हैं और पिछली परीक्षाओं का भी रिकॉर्ड नहीं है, वहां परीक्षाएं कराने का फैसला लिया गया है। प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं होंगी।

लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर प्रायोगिक के अंक मिलेंगे और साक्षात्कार ऑनलाइन होगा। कुलपतियों को यह तय करने का अधिकार दिया गया है कि प्रश्नपत्रों का स्वरूप कैसा होगा।

उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा इस बार तीन घंटे के स्थान पर सिर्फ एक-डेढ़ घंटे की होगी। जो छात्र परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, वह 2022 में आयोजित होने वाले बैक पेपर परीक्षा या 2022-23 में होने वाली वार्षिक/सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए छात्रहित में उच्च शिक्षण संस्थानों में सत्र के दौरान ऑनलाइन पठन-पाठन की निरन्तर व्यवस्था करने के लिए उप्र उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से गुणवत्तायुक्त ऑनलाइन 76 हजार से भी अधिक ई-कंटेंट छात्रों को उपलब्ध कराए गए। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री ने डॉ. शर्मा ने दी।

उन्होंने बताया कि इस डिजिटल लाइब्रेरी की समृद्धता, विशेषता व नएपन के दृष्टिगत नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया ने उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी के साथ आईआईटी, खड़गपुर के माध्यम से एमओयू हस्ताक्षरित किया है।

इस प्रकार कोरोना काल में प्रदेश में छात्रों को उत्तम पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिसका पांच लाख से भी अधिक छात्रों ने घर बैठे ही लाभ उठाया।

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