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यूपी की डबल इंजिन की सरकार धार्मिक पाखंड फैलाकर, फ्री राशन के झुनझुने के साथ सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग कर ओबीसी एवं एससी-एसटी को पुलिस की बर्बरता झेलने के लिए मजबूर कर रही है : जनता दल (यूनाइटेड)

अनुपूरक न्यूज एजेंसी, लखनऊ।उत्तर प्रदेश की डबल इंजिन की सरकार ने 2019 में 69000 शिक्षकों की भर्तियों में सामाजिक न्याय का गला घोंटते हुए पिछड़ों एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों के आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रदेश में शिक्षक भर्ती में नियमों व कानूनों की अनदेखी करते हुए गंभीर अनियमितता करते हुए जिस प्रकार से मेरिट के आधार पर चयनित पिछड़े, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के शिक्षकों को नियुक्ति देने में मनमानी कर रही है वह गंभीर प्रकृति का सामाजिक अन्याय का ज्वलंत उदाहरण है.यूपी की डबल इंजिन की सरकार जिस तरह से धार्मिक पाखंड फैलाकर, फ्री राशन के झुनझुने के साथ प्रदेश में सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करते हुए विकसित भारत संकल्प यात्रा का ढोंग रचकर ओबीसी एवं एससी-एसटी वर्ग के मेरिट के आधार पर चयनित 6800 शिक्षक अभ्यर्थियों को 500 से ज्यादे दिनों तक उन्हें सड़क पर धरना प्रदर्शन करने एवं पुलिस की बर्बरता झेलने के लिए मजबूर कर रहा है जनता दल (यूनाइटेड) इसकी कठोर शब्दों में निंदा करता है.बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) गठबंधन की सरकार ने न्याय के साथ विकास का मॉडल जमीनी स्तर पर लागू करते हुए 35 फीसदी महिला आरक्षण एवं EWS आरक्षण का लाभ देते हुए 1 लाख 20 हजार से ज्यादे शिक्षकों को बिहार में पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ नियुक्ति देने के साथ ही बिहार के 4 लाख से ज्यादे नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देकर नए वर्ष का तोहफा दिया है उसी प्रकार से जनता दल (यूनाइटेड) यूपी की डबल इंजन सरकार से मांग करता है की उत्तर प्रदेश में भी ओबीसी व एससी-एसटी वर्ग के चयनित 6800 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से नियुक्ति देकर सामजिक न्याय सुनिश्चित करे.आज ओबीसी एवं एस सी एस टी के चयनित 6800 शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठने को विवश हो गए हैं जो किसी भी राजनितिक सत्ता एवं सरकार के लिए शर्म की बात है, लेकिन यूपी की भाजपा सरकार लगातार इस घोर सामाजिक अन्याय के प्रति उदासीन रहकर यह साबित कर दिया है की भाजपा हर एक कीमत पर धार्मिक उन्माद फैला कर यूपी के पिछड़ों एवं दलितों के मौलिक अधिकारों का हनन करता करेगा जिसे जनता दल (यूनाइटेड) अब सम्भव नहीं होने देगा.जदयू, उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता है की पांच सौ दिनों से ज्यादे समय तक सड़कों पर संघर्ष करने वाले अन्य पिछड़े, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग मेरिट के आधार पर चयनित 6800 शिक्षक अभ्यर्थियों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से करे अन्यथा ओबीसी एवं एस सी एस टी वर्ग के चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने एवं उत्तर प्रदेश में बिहार के तर्ज पर की गयी जातिजनगणना के लिए जदयू प्रदेश व्यापी आंदोलन छेड़ने – का कार्ययोजना बना रहा है.जदयू अपने जनांदोलनों के माध्यम से भाजपा के केंद्र एवं राज्य सरकार की ओबीसी एवं एस सी-एस टी विरोधी एवं सामाजिक न्याय विरोधी नीतियों का भंडाफोड़ करने के लिए नए वर्ष के आगमन के साथ गाँव गाँव तक जाने का कार्यक्रम करने जा रहा है.

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