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गरिमा गृह का होगा संचालन, मिलेगा आयुष्मान कार्ड का लाभ : ट्रांसजेंडर बोर्ड

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ। उभयलिंगी व्यक्तियों की अधिकारों एवं हितो की रक्षा करने और उन्हें सरकार द्वारा बनाई गयी योजनाओं तथा कल्याण सम्बन्धी उपायों को धरातल पर लागू करने के उद्देश्य से नवम्बर, 2021 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा “उत्तर प्रदेश ट्रान्सजेण्डर कल्याण बोर्ड” का गठन किया गया है, जिसकी द्वितीय बैठक बापू भवन स्थित सभाकक्ष में मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), समाज कल्याण की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बोर्ड की उपाध्यक्ष सुश्री सोनम चिश्ती एवं सदस्य सुश्री कौशल्या नन्द गिरि (टीना माँ), सुश्री किरन बाबा, सुश्री मधु (काजल), सुश्री देविका देवेन्द्र एस0 मंगलामुखी, डॉ0 सत्य प्रकाश के साथ समीर वर्मा, सचिव समाज कल्याण, रजनीश चन्द्र, विशेष समाज कल्याण, राकेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण एवं कृष्णा प्रसाद, उप निदेशक, समाज कल्याण के साथ गृह विभाग, वित्त विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, न्याय शिक्षा विभाग, ग्राम्य विकास विभाग आदि के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। *गरिमा गृह का होगा संचालन* बैठक में उभयलिंगी व्यक्तियों हेतु गरिमा गृह का संचालन किये जाने के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया गया एवं ऐसे इच्छुक एन0जी0ओ0 की सूची बनाकर उनसे सम्पर्क करते हुए उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में गरिमा गृह हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये। उक्त गरिमा गृहों में उभयलिंगी व्यक्तियों को शिक्षा, प्रशिक्षण एवं रोजगार हेतु कौशल विकास सम्बन्धी सुविधाएं भी मुहैया कराई जायगी। *बनेंगे पहचान प्रमाण पत्र, मिलेगा आयुष्‍मान कार्ड का लाभ-* उभयलिंगी समुदाय के पहचान प्रमाण पत्र एवं आयुष्मान कार्ड की सुविधा प्रदान किये जाने सम्बन्धी प्रावधानों एवं प्रक्रिया के सम्बन्ध में यह सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये कि सभी उभयलिंगी व्यक्तियों को सुविधाजनक तरीके से पहचान प्रमाण पत्र बनाये जाने हेतु ऑनलाइन आवेदन किया जाना सुनिश्चित हो सके एवं निर्देश दिये गये कि उक्त प्रक्रिया में तेजी लाकर समस्त ट्रान्सजेण्डर समुदाय के व्यक्तियों के पहचान प्रमाण पत्र बनाये जाय, जिससे पहचान प्रमाण पत्र से सम्बन्धित लाभ यथा आयुष्मान कार्ड सम्बन्धी स्वास्थ्य सुविधा, गरिमा गृह में निवास की सुविधा जैसी अन्य सुविधायें ट्रान्सजेण्डर समुदाय को उपलब्ध करायी जा सकें। *संवेदनशील होगी शिक्षा व्‍यवस्‍था-* शिक्षा से जुड़े हुए पहलू पर बोर्ड द्वारा यह सुझाव दिया गया कि बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा स्तर पर पाठ्यक्रम में परिवर्तन इस प्रकार से परिवर्तन लाया जाय, जिससे जनमानस को ट्रान्सजेण्डर से सम्बन्धित विषयों पर जागरूक एवं संवेदनशील बनाया जा सके। इस सम्बन्ध में अध्ययन कर समुचित प्रस्ताव प्रेषित किये जाने के निर्देश दिये गये। शिक्षा सम्बन्धी पहलू पर असीम अरूण, मंत्री, समाज कल्याण द्वारा अवगत कराया गया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय में ट्रान्सजेण्डर बच्चों के लिए निःशुल्क आवासीय शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध है, जिसका लाभ ट्रान्सजेण्डर समुदाय के बच्चे प्राप्त कर सकते है। इसी क्रम में स्कूल, कालेजों एवं कार्य स्थलों पर ट्रान्सजेण्डर व्यक्तियों को सुलभ प्रकार से सामाजिक स्वीकार्यता बढ़ाने के सम्बन्ध में भी जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिये गये। *स्‍थापित होगे ट्रान्‍सजेण्‍डर सुरक्षा सेल-* बोर्ड द्वारा ट्रान्सजेण्डर समुदाय के व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में ट्रान्सजेण्डर सुरक्षा सेल प्रदेश स्तर पर एवं प्रत्येक जनपद स्तर पर गठित किये जाने के निर्देश दिये गये, जिससे समुदाय के व्यक्ति बिना किसी भय के सुरक्षा सम्बन्धित समस्याओं हेतु पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख सके। असीम अरूण, मंत्री, समाज कल्याण ने अवगत कराया कि ट्रान्सजेण्डर समुदाय से जुड़ी हुई बेवसाईट, हेल्पलाइन नम्बर, एवं सोशल मीडिया पेज- फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि बनाते हुए ट्रान्सजेण्डर समुदाय एवं जनमानस को जागरूक एवं संवेदनशील बनाया जायेगा और ट्रान्सजेण्डर समुदाय के व्यक्तियो को समाज की मुख्य धारा में शामिल किया जायेगा।

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