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भारतीय सड़क कांग्रेस का 81 वां अधिवेशन लखनऊ में 8 से, नितिन गडकरी होंगे मुख्य अतिथि: जितिन प्रसाद

रत्ना सिंह, अनुपूरक न्यूज एजेंसी, लखनऊः इस वर्ष भारतीय सड़क कांग्रेस ( IRC ) का 81 वां अधिवेशन , उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है । जिसका आयोजन गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 8 से 11 अक्टूबर तक किया जाएगा । इस कार्यक्रम में सड़क निर्माण से जुड़ीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के 2500 प्रतिनिधि भाग लेने वाले हैं । ये बातें पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने शनिवार को लोक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कही । 

मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नितिन गडकरी होंगे मुख्य अतिथि:  जितिन प्रसाद ने बताया कि इस साल के अधिवेशन में देशभर से लगभग 2500 व प्रदेश से 1000 मार्ग विशेषज्ञ , वैज्ञानिक और व कई प्रदेशों के शीर्षस्थ अभियंता शामिल होंगे । आईआरसी -2022 का उद्घाटन  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  करेंगे । जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी शामिल होंगे । साथ ही , केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग राज्यमंत्री वीके सिंह समेत प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मंत्रीगण एवं विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं प्रशासक भी उपस्थित रहेंगे । 

पांचवीं बार मेजबानी करेगा लखनऊ: जितिन प्रसाद ने बताया कि आईआरसी का प्रथम अधिवेशन दिसंबर , 1934 में दिल्ली में हुआ था । लखनऊ को अब तक क्रमशः तृतीय अधिवेशन दिसम्बर 1937 , 45 वां अधिवेशन फरवरी 1985 ( स्वर्ण जयन्ती ) , 56 वां अधिवेशन नवम्बर 1995 एवं 72 वां अधिवेशन नवम्बर 2011 की मेजबानी का सुअवसर मिल चुका है । यह आयोजन लखनऊ हेतु पांचवां अवसर होगा जो कि उत्तर प्रदेश हेतु गौरव की बात है । 

3 दिनों में 19 तकनीकी सत्रों का होगा आयोजन: लोक निर्माण विभाग मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार , 3 दिनों तक चलने वाले इस भारतीय सड़क कांग्रेस अधिवेशन में 19 तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा । जिसमें देश – विदेश के तकनीकी विशेषज्ञों , प्रदेश एवं भारत सरकार के विभिन्न विभागों व उपक्रमों के इंजीनियरों , मार्ग व सेतु निर्माण से जुड़ी संस्थाओं , वैज्ञानिकों , सलाहकारों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति होगी । उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय डेलीगेट्स द्वारा तकनीकी विषयों पर मन्थन कर नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे । साथ ही , नवीन तकनीकी विशिष्टियों को मार्ग निर्माण के कार्यों पर लागू करने हेतु भी निर्णय होगा । सेतुओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु उनका चिन्हीकरण कर नवीन तकनीक का प्रयोग कर , कम समय में मरम्मत के कार्यों को पूर्ण किया जाएगा । नवीनतम प्रणालियाँ , रोड रिसर्च पेपर सामान्य चर्चा , विशेषज्ञों से विचार – विमर्श एवं रिसर्च पेपर आदि पर प्रस्तुतीकरण और आईआरसी की कौन्सिल मीटिंग महत्वपूर्ण कार्यों की फील्ड विजिट करेगी ।

 जितिन प्रसाद ने बताया कि राज्यों के प्रमुख सचिव , सचिव , प्रमुख अभियन्ता व मुख्य अभियन्ताओं की बैठक में विभिन्न विषयों पर नीति निर्धारण भी होना तय है ।

 तकनीकी प्रदर्शनी के लगेंगे 180 स्टॉल: जितिन प्रसाद ने कहा कि देश – विदेश से उच्च स्तरीय तकनीकी कम्पनियों एवं देश के तकनीकी विभागों एवं संस्थाओं द्वारा हाईवे इंजीनियरिंग , ब्रिज इंजीनियरिंग व रोड सेफ्टी से सम्बन्धित नवीनतम मशीनरी नवीन तकनीक के उपकरण , सर्वे के नवीन उपकरण एवं नवीन तकनीकी प्रणाली से सम्बन्धित कम्पनियों द्वारा अपने विशिष्टि उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा । उन्होंने कहा कि कुल 180 तकनीकी प्रदर्शनी के स्टाल लगेंगे । जिससे प्रदेश में स्टार्ट अप योजनाओं एवं उनमें रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे ।

नई तकनीकों के इस्तेमाल से लागत में कमी व पर्यावरण संरक्षण:  लोक निर्माण विभाग मंत्री  जितिन प्रसाद ने प्रेस वार्ता के दौरान विभाग द्वारा किये गए उत्कृष्ट कार्यों का बखान किया । उन्होंने कहा कि विगत 5-6 वर्षों में नवीन तकनीक व एफ.डी.आर. से कार्य पूर्ण कर निर्माण लागत में बचत की गई । साथ ही , कार्बन उत्सर्जन में लगभग 50 लाख मी . टन की कमी एवं पर्यावरण संरक्षण हुआ है । वहीं , सीमेन्ट स्टेबिलाईजेशन व ईटीए इमल्शन ट्रीटेड एग्रीगेट ) जैसी तकनीकों से लागत में तो कमी आई ही है । इसके अलावा , पर्यावरण संरक्षण भी किया जा रहा है । ग्रीन हाईवे की परियोजनाओं पर विचार |  जितिन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कई एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ । वेस्ट प्लास्टिक , फाईवर रीनफोर्समेन्ट , जियो सिन्थेटिक्स के उपयोग से हाइवे बनाए जा रहे हैं । हमने डिजिटल प्रणाली को लागू कर दिया है । जिसके तहत निविदा प्रक्रिया के मूल्यॉकन हेतु प्रहरी ‘ एप , बिल सम्बन्धित प्रक्रिया एवं ई – एम ० बी ० के लिए ‘ चाणक्य ‘ कार्य की प्रगति व बजट प्रणाली हेतु ‘ विश्वकर्मा ‘ और मार्गों के जीआईएस डाटा के लिए ‘ सृष्टि ‘ एप का उपयोग किया जा रहा है । 

रोजाना शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम : जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एवं उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति एवं स्थानीय पर्यटन को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान व प्रसिद्धि दिलाने के उद्देश्य से , प्रतिदिन सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत एवं नाटक एकाडमी द्वारा किया जाएगा । जिसमें प्रयागराज का ढिढ़िया डान्स , भोजपुरी क्षेत्र का फरूआही नृत्य , आर्मी बैंड , अवध क्षेत्र का जश्नेबहारा अवध की रोशन चौकी ( पद्मश्री मालिनी अवस्थी द्वारा ) , आजादी का अमृत महोत्सव पर आधारित सांस्कृतिक भारत दर्शन , महेन्द्र भीष्म द्वारा लिखित जयहिन्द की सेना नाटक , राम वन्दना , सीता स्वयंवर , वाराणसी की टीम द्वारा राम आरती व पद्मश्री सोमा घोष द्वारा गजल प्रस्तुति दी जाएगी । उन्होंने बताया कि अधिवेशन के उपरान्त उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से आए हुए डेलीगेट्स को स्थानीय तथा प्रदेश के विभिन्न पर्यटन एवं दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कार्यक्रम भी प्रस्तावित है । 

क्या है भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी)?: भारतीय सड़क कांग्रेस देश में राजमार्ग और सेतुओं के निर्माण से संबंधित वैज्ञानिकों व अभियंताओं की एक शीर्ष संस्था है , जो राजमार्गों सेतुओं के निर्माण से जुड़े मानकों , विशिष्टियों का निर्धारण या पुनर्निर्धारण करती है । इस प्रक्रिया के लिए हर साल देश के चयनित स्थानों पर अधिवेशन वार्षिक सत्र का आयोजन किया जाता है , जिसमें शामिल होने वाले विशेषज्ञों , वैज्ञानिकों , अभियंताओं के बीच राजमार्गों सेतुओं के निर्माण से जुड़ी नई तकनीकों पर चर्चा और विचार विमर्श होता है । 

अधिवेशन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन बनाने में मिलेगी मदद: जितिन प्रसाद ने कहा कि देश – विदेश की नवीनतम तकनीक से कम लागत कम समय में इनवायरमेन्ट फ्रेन्डली कार्य कराया जा सकेगा । यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा । उन्होंने कहा कि अधिवेशन सत्र में विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा एवं व्यापक विचार – विमर्श , प्रस्तुतीकरण के उपरान्त नीतिगत विषयों पर आई.आर. सी . की कौन्सिल समिति द्वारा नई विशिष्टियाँ निर्गत की जाएंगी । इससे आगामी वर्षों में मार्ग एवं सेतुओं के निर्माण में प्रदेश व देश के विकास को नई गति मिलेगी । युवा अभियन्ताओं को स्टार्ट अप व रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे । साथ ही , इन्फ्रास्ट्रक्चर व विकास को नई गति भी मिलेगी ।

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