नई दिल्ली: अयोध्या नगर निगम (AMC) ने पूरे अयोध्या में पुराने पड़े मकान और मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया है। ये मकान जर्जर हालात में है जिनको तोड़ने का आदेश दिया गया है ताकि इनसे किसी तरह का जान-माल का नुकसान न हो। कभी भी ढह जाने की खतरनाक हालत में पहुंच चुके इन मंदिरों और मकानों की संख्या 176 है। इस मामले पर एएमसी के कमिश्नर आरएस गुप्ता का बयान सामने आया है। अयोध्या में लगातार भव्य राम मंदिर का मुद्दा सुर्खियों में रहता है। पर अब अयोध्या नगर निगम के नए आदेश से विवाद खड़ा होता दिख रहा है। इस फैसले को लेकर अयोध्या नगर निगम के कमिश्नर आरएस गुप्ता का कहना है कि अयोध्या निवासी मंदिर या मकान बानने और गिराने में पूरी तरह स्वतंत्र हैं। अयोध्या की जमीन पर लोगों के पास मंदिर या मकान बनाने और गिराने का पूरा अधिकार है। वह उन जर्जर मकानों को खुद भी गिरा सकते हैं और उन पर चाहे तो नए मकान या मंदिर बना लें, साथ वह एएमसी से भी मकान ढहाने को कह सकते हैं। वहीं 176 मकानों में 59 लोगों ने जर्जर मकानों की मरम्मत करवा ली है साथ ही 6 लोगों ने पूरे मकान गिरा दिए हैं। अयोध्या में लगातार भव्य राम मंदिर का मुद्दा सुर्खियों में रहता है। पर अब अयोध्या नगर निगम के नए आदेश से विवाद खड़ा होता दिख रहा है।
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