
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय में मिशन निदेशक पुलकित खरे की अध्यक्षता में सेक्टर स्किल काउंसिल्स के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सेक्टोरियल प्रगति की समीक्षा, संचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान तथा कौशल विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श करना रहा।
कार्यशाला में एग्रीकल्चर, ब्यूटी एंड वेलनेस, कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट्स एंड कारपेट, हेल्थकेयर, आईटी-आईटीईएस, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, टेलीकॉम तथा टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर स्किल काउंसिल्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी सेक्टर स्किल काउंसिल्स द्वारा अपने सेक्टर की वर्तमान प्रगति, कार्यक्षेत्र, उपलब्धियों एवं प्रमुख पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं।

प्रस्तुतियों में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश आधारित शीर्ष 10 इंडस्ट्रीज की सूची तथा अन्य राज्यों में लागू श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा किया गया, जिनके आधार पर प्रदेश में युवाओं को अधिक प्रभावी रूप से कौशलयुक्त बनाया जा सके।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि एग्रीकल्चर, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट तथा टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर्स उत्तर प्रदेश में अत्यधिक संभावनाशील हैं। इन क्षेत्रों में युवाओं के कौशल विकास हेतु अधिकतम फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेक्टर स्किल काउंसिल्स द्वारा राज्य के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय प्रमुख उद्योगों को कौशल विकास मिशन से जोड़ने का अभियान तेज किया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश “हुनरमंद युवाओं का राज्य” बनकर उभरे। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यशाला के दौरान अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से सभी सेक्टर स्किल काउंसिल्स का आह्वान किया कि वे प्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में मिशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लें और मिशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य की गति को और तेज़ करें।
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