
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे (NR) के तहत दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अपनी स्वीकृति दे दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य हाई डेंसिटी (HDN) और हाईली यूज्ड नेटवर्क (HUN) मार्गों पर सिग्नलिंग प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना और संरक्षा को सुदृढ़ करना है। इन परियोजनाओं के लिए कुल ₹ 421.41 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
इन परियोजनाओं के अंतर्गत उन स्टेशनों पर ‘इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग’ का प्रावधान किया जाएगा जहाँ स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली “कवच” (Kavach) स्वीकृत है। कवच तकनीक के साथ आधुनिक सिग्नलिंग का समन्वय करने के लिए यह अपग्रेड अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो व्यस्त मार्गों पर सुरक्षित ट्रेन संचालन और हाई-थ्रूपुट (throughput) सुनिश्चित करेगा।
रेल मंत्री ने निम्नलिखित दो मदवार (itemized) कार्यों को मंजूरी दी है:
दिल्ली मंडल (DLI): HDN/HUN मार्गों पर 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का प्रावधान।
लागत: ₹ 292.24 करोड़।
अंबाला मंडल (UMB): HDN/HUN मार्गों पर 13 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का प्रावधान।
लागत: ₹ 129.17 करोड़।
इन कार्यों को उत्तर रेलवे के लिए निर्धारित सब-अम्ब्रेला कार्य (मूल्य रु 1,547 करोड़) के तहत स्वीकृत किया गया है, जो ‘कार्य, मशीनरी और रोलिंग स्टॉक प्रोग्राम’ (पिंक बुक) 2024-25 के बड़े अम्ब्रेला अनुमोदन का हिस्सा है।
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) की ओर कदम बढ़ाना रेलवे संरक्षा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। पारंपरिक मैकेनिकल इंटरलॉकिंग के विपरीत, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिग्नल और पॉइंट को नियंत्रित करने के लिए कंप्यूटर आधारित प्रणालियों का उपयोग करता है, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। कवच के लिए पहले से स्वीकृत मार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI)लागू करके, उत्तर रेलवे एक मजबूत और त्रुटि रहित नेटवर्क तैयार कर रहा है, जो अधिकतम संरक्षा सुनिश्चित करने के साथ साथ बढ़ते यातायात घनत्व को संभालने में भी सक्षम होगा।
Suryoday Bharat Suryoday Bharat