
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने गुरुवार चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 70वां विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया। ये पुरस्कार रेल नेटवर्क के सुचारू संचालन और विकास के प्रति रेल कर्मचारियों के अनुकरणीय समर्पण, कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हैं।
महाप्रबंधक ने उत्तर रेलवे के 94 अधिकारियों /कर्मचारियों को उनकी मेधावी सेवाओं के लिए पुरस्कार प्रदान किए। व्यक्तिगत उत्कृष्टता के अलावा, उत्तर रेलवे के उन विभिन्न विभागों और मंडलों को 30 दक्षता शील्ड (Efficiency Shields) प्रदान की गईं, जिन्होंने पिछले वर्ष के दौरान विभिन्न परिचालन मानकों में असाधारण प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर उत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक मोहित चंद्र के साथ-साथ सभी प्रधान मुख्य विभागाध्यक्ष, उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और उत्तर रेलवे के विभिन्न मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक भी उपस्थित थे।
पुरस्कार विजेताओं और सभा को संबोधित करते हुए अशोक कुमार वर्मा ने कहा, “भारतीय रेल प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को पूरा करने की दिशा में अथक प्रयास कर रही है। इस विजन को साकार करने में उत्तर रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे भविष्य के रोडमैप में नवाचार, अडिग सुरक्षा मानक, गहन प्रशिक्षण और संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”
महाप्रबंधक ने ट्रैक रखरखाव और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संगठन के भीतर एक सांस्कृतिक परिवर्तन का आह्वान करते हुए अधिकारियों से “औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने” और रेल प्रशासन के प्रति अधिक सक्रिय, नागरिक-केंद्रित और कुशल दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।
उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और पुरस्कार समारोह से पहले रेलवे कर्मचारियों द्वारा एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें भारतीय रेल की समृद्ध विरासत और कार्य-संस्कृति की झलक दिखाई गई।
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