
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्किल हब बनाने के उद्देश्य से डीडीयू-जीकेवाई 2.0 और आरसेटीआई 2.0 के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला एवं प्री-ईसी बैठक का मंगलवार को लखनऊ स्थित होटल सेंट्रम में सफल समापन हुआ। समापन सत्र में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक रोजगार का अवसर पहुँचाना है। उन्होंने अंत्योदय के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ग्रामीण और वंचित युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस कर आत्मनिर्भर बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री ने बताया कि डीडीयू-जीकेवाई 1.0 के तहत प्रदेश में 2.62 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से लगभग 2 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस सफलता के आधार पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने आगामी वर्षों में केंद्र सरकार से 4.5 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका फोकस ग्रामीण युवाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग और वंचित समुदायों पर रहेगा, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।
प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में राज्यों के बीच सहयोगात्मक संवाद देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। समापन सत्र में लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार और झारखंड के प्रतिनिधियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के दौरान मिशन निदेशक पुलकित खरे ने उत्तर प्रदेश के कौशल विकास मॉडल का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें उद्योगों की मांग आधारित प्रशिक्षण, डिजिटल मॉनिटरिंग और रोजगार लिंकिंग को प्रमुख आधार बताया गया। उन्होंने ‘कौशल दृष्टि’ ऐप और ‘कौशल दिशा’ पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों की रीयल-टाइम निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी। साथ ही ब्लॉक स्तर पर आयोजित रोजगार मेलों की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में लाखों युवाओं को सीधे नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक (स्किल्स) राज प्रिय सिंह, लद्दाख के मिशन निदेशक सैयद सज्जाद कादरी तथा विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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