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मप्र के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव, अब होंगे प्रदेश के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल ने लगाई मुहर

सूर्योदय भारत समाचार सेवा : बीजेपी द्वारा कल छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री चयन के बाद आज मध्य प्रदेश में नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों ने डॉ. मोहन यादव को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना है। इस महीने की शुरुआत में बीजेपी ने मध्य प्रदेश में 166 सीटें जीतकर प्रचंड जीत हासिल की थी। मोहन यादव उज्जैन जिले के उज्जैन दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधान सभा के सदस्य हैं। मोहन यादव आरएसएस की पसन्द हैं ! मनोनीत होने पर मोहन यादव ने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व, प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि मेरे जैसे छोटे से कार्यकर्ता को यह जो जवाबदारी दी है। आपके प्यार और सहयोग से मैं अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने का प्रयास करूंगा।

मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा का धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी के विकास कार्यों को आगे बढ़ाऊंगा। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा पार्टी ही है जो मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। मैं राज्य की विकास यात्रा को आगे बढ़ाऊंगा। मोहन यादव के लिए राज्य में कई बड़ी जिम्मेदारियां सामने हैं। भाजपा के वादों के पूरा करने में उन्हें तत्काल कदम उठाने होंगे। कुछ महीनें में ही 2024 का लोकसभा चुनाव होना है। राज्य में लोकसभा की 29 सीटें हैं।

डॉ मोहन यादव, एक परिचय…….

– वह पहली बार 2013 में उज्जैन दक्षिण सीट से विधायक बने थे। उन्होंने 2018 और 2023 में इसी सीट से विधानसभा चुनाव जीता।

– मोहन यादव 2020 से शिवराज सिंह चौहान की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी थे।

– हाल के 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में, मोहन यादव ने कांग्रेस उम्मीदवार चेतन प्रेमनारायण यादव के खिलाफ 12,941 वोटों के अंतर से जीत हासिल करते हुए, उज्जैन दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र में अपनी सीट का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस जीत ने विधायक के रूप में उनका लगातार तीसरा कार्यकाल चिह्नित किया, जिसमें उन्हें 95,699 वोट मिले।

– मोहन यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को हुआ था। उनका जन्म उज्जैन में हुआ था। उनके पिता का नाम पूनमचंद यादव है।

– उनकी शादी सीमा यादव से हुई है। उनके दो बेटे और एक बेटी है।

– मोहन यादव के पास बीएससी, एलएलबी, एमए, एमबीए और पीएचडी समेत कई शैक्षणिक डिग्रियां हैं।

– मोहन यादव मध्य प्रदेश में भाजपा के भीतर एक प्रमुख ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) व्यक्ति के रूप में खड़े हैं। अपने नाम के साथ पीएचडी की डिग्री के साथ, वह 2004 से 2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण और बाद में 2011 से 2013 तक एमपी राज्य पर्यटन विकास निगम जैसे महत्वपूर्ण निकायों की अध्यक्षता करते हुए, अनुभव का खजाना लेकर आए हैं।

– उनकी राजनीतिक यात्रा 1984 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के साथ जुड़ने से शुरू हुई और पिछले कुछ वर्षों में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक प्रभावशाली नेता बन गए हैं।

इसके अलावा उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी समन्वय बना के रखना होगा। राज्य के कई बड़े नेता राज्य में हैं जो उनसे सीनियर भी हैं। मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि बैठक में बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश विधायक दल के नए नेता के तौर पर मोहन यादव का नाम प्रस्तावित किया। नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मैं पूरे नेतृत्व को बधाई देता हूं और ऐसे कार्यकर्ता (मोहन यादव) को चुनने के लिए आभार व्यक्त करता हूं जो विचारधारा के प्रति समर्पित हैं और अपनी कड़ी मेहनत से इसके लिए काम करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है।

मोहन यादव के पिता पूनम चंद यादव अपने बेटे को मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा बेटा राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा लेकिन यह माता और बाबा महाकाल का आशीर्वाद है। मोहन यादव को लेकर उनकी बहन ने कहा कि भगवान महाकाल का आशीर्वाद है, पार्टी का आशीर्वाद है। वह 1984 से भाजपा के साथ काम कर रहे हैं। वह जब भी उज्जैन आते थे, तो महाकाल की पूजा करने जाते थे। 

मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव की पत्नी ने कहा कि हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है। हां, उनका नाम चल रहा था लेकिन हमें ठीक से पता नहीं था। भगवान ने उन्हें उनकी मेहनत का फल दिया है।  यादव, जिन्हें मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में नहीं देखा गया था, को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का करीबी माना जाता है। वह तीन बार के विधायक और एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं। ओबीसी मप्र की आबादी का 48 प्रतिशत से अधिक हैं। वह पहली बार 2013 में उज्जैन दक्षिण से विधायक चुने गए। इसके बाद 2018 और फिर 2023 में विधानसभा सीट बरकरार रखी। 

वादों को पूरा करने की चुनौती

मध्य प्रदेश में भाजपा की ओर से लोक लुभावने वादे किए गए थे जिसे लोकसभा चुनाव से पहले पूरा करने की चुनौती होगी। मध्य प्रदेश में 450 रुपए में गैस सिलेंडर मुहैया कराना, गरीब परिवार की बच्चियों की 12वीं तक की पढ़ाई मुफ्त, हर महीने 100 यूनिट तक की बिजली सिर्फ ₹100 में, लाडली बहन योजना के तहत गरीब महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए दिए जा रहे हैं, आने वाले समय में से 3000 तक करने का वादा किया गया है। किसान सम्मान के तहत ₹12000 देने की बात कही गई है। वहीं गेहूं की खरीद 2700 रुपए प्रति क्विंटल और चावल की खरीद 3100 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने का भी वादा है। 

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