
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और नैतिक मूल्य परस्पर पूरक हैं तथा केवल डिग्री आधारित शिक्षा समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है।
अपने स्वागत उद्बोधन में कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने कहा कि ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत प्रकाशित ये पुस्तकें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में भारतीय ज्ञान प्रणाली की गुणवत्ता को सुदृढ़ करेंगी तथा विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, बौद्धिक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

कार्यक्रम में भारत बौद्धिक्स परियोजना की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए प्रो. जय शंकर पांडेय ने कहा कि यह पहल भारतीय ज्ञान, दर्शन और परंपराओं को आधुनिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि भारत बौद्धिक्स परीक्षा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। परीक्षा हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी, जिसमें 100 अंकों में से 80 अंक बहुविकल्पीय तथा 20 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए निर्धारित होंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1,00,000 रूपए, द्वितीय 50,000 रुपए, तृतीय 25,000 रुपए तथा चतुर्थ 2,500 रुपए के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य मोहंती ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, उपकुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
Suryoday Bharat Suryoday Bharat