
सूर्योदय भारत समाचार सेवा : भारत भर में जमीनी स्तर पर कार्यरत गैर-लाभकारी संगठनों के लिए फ्यूचर ऑफ इम्पैक्ट (FOI) 3.0 कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह दीर्घकालिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम 25 जनवरी तक आवेदन स्वीकार करेगा।
फ्यूचर ऑफ इम्पैक्ट कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के बाद हुई थी, जब छोटे और मध्यम आकार के गैर-लाभकारी संगठनों—विशेष रूप से गैर-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत संस्थाओं—की संरचनात्मक और संस्थागत कमजोरियां स्पष्ट रूप से सामने आईं। इसके साथ ही, विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में हुए संशोधनों और फंडिंग परिदृश्य में आए बदलावों ने इन संगठनों के सामने मौजूद चुनौतियों को और अधिक जटिल बना दिया।
कार्यक्रम Atma द्वारा संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच, FOI ने तीन चरणों में देशभर के 100 जमीनी संगठनों के साथ कार्य किया है। कार्यक्रम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इन संगठनों में संगठनात्मक स्पष्टता, दाताओं के साथ संवाद तथा आंतरिक प्रणालियों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
FOI 3.0 कार्यक्रम के पिछले चरणों से प्राप्त सीख पर आधारित है और इसमें पैमाने की बजाय गहराई, निरंतरता और दीर्घकालिक स्थिरता पर विशेष जोर दिया गया है। अगले चार वर्षों में, इस चरण के अंतर्गत 96 गैर-लाभकारी संगठनों को तीन समूहों के माध्यम से शामिल किया जाएगा। प्रत्येक समूह के लिए कार्यक्रम की अवधि 16 माह निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य उन ‘कॉमन मिनिमम कैपेसिटीज़’ को सुदृढ़ करना है, जिन्हें सामाजिक क्षेत्र में संगठनों की दीर्घकालिक सफलता और स्थिरता के लिए आवश्यक माना जाता है।
कार्यक्रम सभी क्षेत्रों में कार्यरत जमीनी और ग्रामीण गैर-लाभकारी संगठनों के लिए खुला है, विशेष रूप से उन संस्थाओं के लिए जिन्हें अब तक संरचित संस्थागत विकास सहयोग के सीमित अवसर प्राप्त हुए हैं। FOI 3.0 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 जनवरी है।
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