
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिये है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना में टार्गेट, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी पर फोकस किया जाय।खाद्य प्रसंस्करण उद्योगो की स्थापना मे गति बढ़ायी जाय। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में प्रत्येक जिले में काम से कम 1000 यूनिट स्थापित कराई जाए।यूनिटों की स्थापना के लिए कैंप लगाकर लोगों को प्रेरित किया जाए।
इसके रुहेलखंड, बुंदेलखंड व ब्रज क्षेत्र में विशेष रूप से फोकस किया जाए।हर कार्य में पारदर्शिता स्पष्ट रूप से झलकनी चाहिए। कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए।खाद्य प्रसंस्करण के सभी अच्छे कार्यों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कराया जाए। टी एच आर प्लांट की सभी यूनिटों को सोलर पावर से जुड़वाने की कार्यवाही व अविलम्ब पूरी की जाए,इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन त्वरित कार्यवाही करें।
खाद्य प्रशिक्षण केदो का दायरा बढ़ाया जाए, ट्रेडों की संख्या बढ़ाई जाए।खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 व पीएमएफएमई योजना में दी जा रही सुविधाओं का ग्राम पंचायत की दीवारों पर लेखन कराया जाए।उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति में 428 यूनिट स्थापित, 192 की सब्सिडी जारी, 58 में सोलर पावर प्लांट लगाये गये हैं। उत्तर खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है। केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय 7 कालिदास मार्ग पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन बी एल मीना एवं विभागीय उपस्थित अधिकारियों द्वारा मा० उप मुख्यमंत्रीजी, उ०प्र० सरकार को खाद्य प्रसंस्करण विभाग की पृथक स्थापना हेतु आभार व्यक्त किया गया।
विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है, सबसे अधिक खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग स्थापित हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 75000 खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित हैं। 3.5 लाख इकाईया असंगठित क्षेत्र (एम०एस०एम०ई०) की है। 2900 इकाई लगभग 100 करोड टर्न-ओवर वाली है।
बताया गया कि उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के संबन्ध में अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 से अद्यतन 1394 आवेदन आनलाईन प्राप्त हुए जिसमें से कतिपय कमियों एवं डुपलीकेट होने के कारण 966 आवेदन प्री अप्रेजल, अप्रेजल एवं एस०एल०ई०सी० द्वारा निरस्त किए गये। अनुदान धनराशि प्रथम द्वितीय किश्त के रूप में वर्ष 2023 से अब तक कुल स्वीकृत धनराशि रूपये. 600 करोड़ के सापेक्ष रूपये 192.33 करोड़ व्यय हुआ है। कुल 190 निवेशकों को अनुदान दिया गया। 65 इकाइयों को दोनों किश्त एवं 125 इकाइयों को प्रथम किश्त का भुगतान किया गया है।चालू वित्तीय वर्ष में कुल स्वीकृत बजट रु 300 करोड़ के सापेक्ष अद्यतन नवम्बर, 2025 तक धनराशि रूपये 61.16 करोड़ तक भुगतान किया गया है।
बताया गया कि 100 दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के लक्ष्य 510 के सापेक्ष 480 की प्रगति से अवगत कराया गया तथा यह भी अवगत कराया गया कि 480 प्रशिक्षार्थियों में 107 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। उप मुख्यमंत्री, उ०प्र० सरकार द्वारा निर्देशित किया गया कि ट्रेड की संख्या बढ़ाई जाय तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम में आशातीत प्रगति लाए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
प्रत्येक माह खाद्य प्रसंस्करण से संबन्धित राज्य स्तरीय अभिनवीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जाये। उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 में प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण हेतु त्री-स्तरीय समिति का गठन है वहीं राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की संस्तुति उपरान्त इकाईयों के स्थलीय निरीक्षण एवं रिपोर्टिंग हेतु प्रदेश में स्थापित 17 केन्द्रीय एवं राजकीय विश्वविद्यालयों/ संस्थाओं को थर्ड पार्टी इन्श्पेक्शन एजेन्सी नामित की गयी हैं।
शुक्रवार उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत लखनऊ में स्थापित बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० राजकुमार मित्तल एवं उप निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ०प्र० के मध्य समझौता ज्ञापन पर उप मुख्यमंत्री, उ०प्र० सरकार की उपस्थिति में हस्ताक्षर किया गया।
इस अवसर पर बी०एल० मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ०प्र० शासन एवं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के डीन प्रो० वेक्टर बाबू एवं प्रो० कोमल सिंह, विभागाध्यक्ष, फूड प्रोसेसिंग द्वारा प्रतिभाग किया गया।
इस अवसर पर आर. फ्रैक के निदेशक डॉक्टर हरीश कुमार सलाहकार डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह उपनिदेशक एमपी सिंह, सुजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सार्वजनिक उद्यम विभाग एवं राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
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