
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने मंगलवार को कृषि विज्ञान केन्द्र, गनीवा का भ्रमण किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र पर आदर्श दलहन ग्राम योजना के अंतर्गत “मसूर उत्पादन में सूक्ष्म पोषक तत्व प्रबंधन” विषय पर संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कृषकों को ग्रीष्मकालीन दलहन उत्पादन हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र से जुड़कर अधिकतम भूमि का उपयोग करना चाहिए। इस दिशा में जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मसूर, अरहर एवं उड़द जैसी दलहनी फसलों के उत्पादन में क्षेत्रफल एवं उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिले में उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता तथा आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने 5 चयनित कृषकों को ग्रीष्मकालीन दलहन उत्पादन हेतु मूंग का बीज वितरित किया, साथ ही उद्यान विभाग द्वारा प्रदत्त सब्जी बीजों का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कृषकों से अपील की कि वे नवीन कृषक उत्पादक संगठन (FPO) का गठन करें अथवा पहले से गठित कृषक उत्पादक संगठनों से जुड़कर दलहन उत्पादन के क्षेत्र में विस्तार सुनिश्चित करें जिससे उत्पादन को अच्छा बाजार मिल सकेगा साथ ही सामूहिक प्रयास से लागत घटेगी और आय में वृद्धि होगी !

कार्यक्रम में उप निदेशक कृषि राजकुमार एवं जिला उद्यान अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पांडेय उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण भूमिका प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख विजय गौतम द्वारा प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन प्रसार वैज्ञानिक उत्तम कुमार त्रिपाठी द्वारा किया गया। तकनीकी सत्र में केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज शर्मा, सुश्री अंजली यादव एवं रोहित मिश्रा द्वारा जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केन्द्र के समस्त वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा।
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