
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि निदेशालय के सभागार में दृष्टि योजनान्तर्गत स्थापित 100 कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के कार्यों की समीक्षा की, जिसमें एफपीओ द्वारा बीज विधायन संयंत्रों की स्थापना और बीज उत्पादन की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि 24 एफपीओ ने अब तक 80,960 क्विंटल बीज का उत्पादन और उसका विक्रय उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम को कर दिया है। बैठक में उन एफपीओ की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई जो आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं।
मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि 27 एफपीओ द्वारा अभी तक बीज प्रमाणीकरण संस्था में अपना पंजीकरण नहीं कराया गया है, और ऐसे एफपीओ तत्काल अपना पंजीकरण करा लें। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजीकरण न कराने की स्थिति में सरकार द्वारा दिए गए अनुदान की वसूली की कार्यवाही की जाएगी, यह भी संज्ञान में आया कि 32 एफपीओ के उत्पादित बीज अब तक उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम द्वारा क्रय नहीं किए गए हैं, जिस पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्री ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि एफपीओ केवल गेहूँ और धान ही नहीं, बल्कि ढैंचा के बीज को भी नियामानुसार प्रमाणित कर उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम को विक्रय करेंगे ताकि राज्य में प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

बैठक में कृषि विभाग और उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने एफपीओ को आने वाली समस्याओं को दूर करने तथा बीज उत्पादन और विक्रय की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एक कार्ययोजना प्रस्तुत की।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के निदेशक पीयूष शर्मा, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण के निदेशक टीपी चौधरी, अपर निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र अनिल पाठक उपस्थित रहे।
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