
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, अहमदाबाद : अभिनेत्री काजल वशिष्ठ, जिन्होंने हाल ही में गुजराती फिल्म भल्ले पधार्या से कमबैक किया है, ने आशीर्वाद लेने के लिए गुजरात के पवित्र अंबाजी मंदिर का दर्शन किया। हिंदी, साउथ इंडियन, मराठी और गुजराती फिल्मों में अपनी बहुमुखी अभिनय यात्रा के लिए जानी जाने वाली काजल का कहना है कि किसी भी कलाकार के लिए मेहनत, मौके और सही सपोर्ट सिस्टम ज़रूरी हैं, लेकिन असली शक्ति आध्यात्मिक बल से ही मिलती है।
उनके लिए यह मंदिर यात्रा केवल फिल्म तक सीमित नहीं थी, बल्कि संतुलन को अपनाने का माध्यम थी — जहाँ विश्वास और संकल्प साथ-साथ चलते हैं।
अपनी भावनाएँ साझा करते हुए काजल वशिष्ठ कहती हैं:
“ज़िंदगी में हमें सब कुछ थोड़ा-थोड़ा चाहिए — मेहनत, सही मौके, आसपास के लोगों का साथ और सबसे बढ़कर आध्यात्मिक शक्ति। मेरी फिल्म भल्ले पधार्या की रिलीज़ के बाद अंबाजी मंदिर जाने से मुझे फिर एहसास हुआ कि आस्था हमें आभार और संतुलन के साथ आगे बढ़ने की हिम्मत देती है। यह कमबैक मेरे लिए सिर्फ़ एक प्रोफेशनल माइलस्टोन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा भी है।”