
अशोक यादव : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार 12 जनवरी को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ एवं ‘स्वामी विवेकानंद जी की जयंती’ के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु युवा शक्ति और स्वदेशी भावना : स्वामी विवेकानंद का जीवन और दर्शन’ थीम पर आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल द्वारा की गयी। इसके अतिरिक्त मुख्य तौर पर प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता कश्मीरी लाल, दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की प्रो. विनोद सोलंकी, कंसल्टेंट, इनक्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप, बीबीएयू डॉ. मनोज जोशी, शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही, कार्यक्रम संयोजक प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा एवं कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह मौजूद रहे।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारत का इतिहास अत्यंत स्वर्णिम रहा है। यदि हम अपनी संस्कृति पर विचार करें तो पाएँगे कि भारत ने विश्व को हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि असंख्य विदेशी आक्रमणों को सहने के बावजूद भारतीय संस्कृति और सभ्यता आज भी अक्षुण्ण बनी हुई है, यही कारण है कि विश्व की दृष्टि में भारत की संस्कृति और लोकतंत्र एक केंद्रबिंदु के रूप में प्रतिष्ठित हैं।

कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन हम सभी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है, क्योंकि उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को जागरूक और प्रेरित करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब युवा स्वयं को सशक्त बनाने का संकल्प लेगा, तभी समरसता, भाईचारे, समावेशी विकास तथा पारिवारिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण के साथ विकसित भारत का स्वप्न साकार हो सकेगा।

कश्मीरी लाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देश–विदेश के अनेक प्रतिष्ठित लेखकों और दार्शनिकों का मानना था कि स्वामी विवेकानंद इस सदी के महानतम व्यक्तित्वों में से एक थे, जिन्होंने युवाशक्ति को जागृत करने का कार्य किया।
दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की प्रो. विनोद सोलंकी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी जी ने भारत की प्राचीन एवं सनातन परंपराओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में अपने ओजस्वी विचारों के माध्यम से विश्व पटल पर भारत का परचम लहराया।
कंसल्टेंट, इनक्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप, डॉ. मनोज जोशी ने उद्यमिता और नवाचार पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि असफलता कोई विकल्प नहीं है, बल्कि असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना ही युवाओं का वास्तविक लक्ष्य होना चाहिए।
शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भारत को गहराई से जानना और समझना चाहता है, तो उसके लिए स्वामी विवेकानंद का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वामी जी ने सूर्य की भांति समाज को जागृत करने और नई चेतना प्रदान करने का कार्य किया।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बीबीएयू में ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’ का आयोजन किया गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल एवं कश्मीरी लाल ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ का शुभारंभ कराया। विश्वविद्यालय द्वारा ‘विश्वविद्यालय दिवस’ को ध्यान में रखते हुए दिनांक 10 -12 जनवरी को विश्वविद्यालय दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसके अंतिम दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया।
समस्त कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर शिक्षण अधिकारी, शोधार्थी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे ।
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