आइजोल: मिजोरम की एक दिन की यात्रा पर शनिवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री जोरामथांगा के साथ विकास तथा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने राज्य में सिविल सोसायटी और छात्र संगठनों के संयुक्त संगठन एनजीओ कोऑर्डिनेशन कमेटी के नेताओं से भी भेंट की। सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच मिजोरम की सामरिक भौगोलिक स्थिति और सीमा से सटे दो पड़ोसी मुल्कों बांग्लादेश तथा म्यामांर के साथ बेहतर संबंध बनाने को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने मिजोरम को शांतिपूर्ण राज्य माना। उन्होंने कहा कि यह अपने पूर्वोत्तर के पड़ोसियों के लिए मिसाल बन सकता है।”
जोरामथांगा ने पूर्वोत्तर भारत के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) के विशेष प्रावधान का मुद्दा भी उठाया और अखिल भारतीय सेवाओं में पृथक मिजोरम कैडर की भी बात की। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में मिजोरम के लिए नया बटालियन बनाने और केन्द्रीय योजनाओं के तहत हिन्दी के शिक्षकों की भर्ती की जरूरत पर जोर दिया। विज्ञप्ति के अनुसार, शाह और एनजीओ कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्यों के बीच सीएबी को लेकर भी बैठक हुई। कमेटी के नेताओं को सलाह दी गई कि वे सीएबी में शामिल करने के लिए एक विशेष उपधारा तैयार करें ताकि सभी आईएलपी राज्यों में ‘इंनर लाइन परमिट’ व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। यह इन सभी राज्यों में सीएबी के लिए बफर की तरह काम करेगा।
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