शाहजहांपुर: कानून की छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की जमानत अर्जी शनिवार को वकीलों की हड़ताल की वजह से दाखिल नहीं हो सकी। दूसरी ओर जेल में चिन्मयानंद की पहली रात आराम से कटी। वह 5 घंटे सोए और सुबह उठकर एक घंटे ध्यान भी लगाया। जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि चिन्मयानंद को शुक्रवार को जिला कारागार लाया गया था। चिन्मयानंद ने यहां दोपहर और शाम का भोजन किया। रात में वहसोए और सुबह जाग गए। चिन्मयानंद ने इसके बाद लगभग एक घंटे ध्यान लगाया औरबैरक खुलने तक अंदर ही टहलते रहे।
जेल अधीक्षक ने बताया कि आज चिन्मयानंद ने दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के पश्चात सुबह नाश्ते में बंदियों को मिलने वाली चाय पी और दलिया खाया। दोपहर में उन्होंने दाल-रोटी और सब्जी खाई। चिन्मयानंद को कोई भी वीआईपी सुविधा नहीं दी जा रही है। वह साधारण कैदियों की तरह बैरक में अन्य बंदियों के साथ रह रहे हैं। चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने बताया कि आज शनिवार होने के कारण यहां जिला अदालत के अधिवक्ता हड़ताल पर रहते हैं। अधिवक्ता लंबे समय से शाहजहांपुर को लखनऊ उच्च न्यायालय की पीठ से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। इसीलिए प्रत्येक शनिवार को यहां के अधिवक्ता हड़ताल पर होते हैं। इसी के चलते आज चिन्मयानंद की जमानत अर्जी दाखिल नहीं की जा सकी।
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