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उत्तर प्रदेश में ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय फेज के क्रियान्वयन हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : भारत सरकार द्वारा विकसित किए गए ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय फेज को उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में दो दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। 13 और 14 फरवरी को कृषि निदेशालय में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों और एन.आई.सी. के वरिष्ठ निदेशकों द्वारा पोर्टल के तकनीकी पहलुओं और इसके संचालन की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी सहायक (सीड) डॉ. सोनू कुमार चौधरी, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एन.आई.सी. श्रीमती अर्चना एवं अविनाश विजयकुमार पेडगाँवकर, और संयुक्त निदेशक निलाद्रि बिहारी मोहंती ने अपनी टीम के साथ प्रतिभागियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई। इस अवसर पर महाराष्ट्र कृषि विभाग की उप कृषि निदेशक डॉ. प्रीति सवाईराम ने महाराष्ट्र में साथी पोर्टल की सफलता की कहानी साझा की और इसके विभिन्न चरणों व लाभों से अवगत कराया। कार्यक्रम में अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र), उप कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र) सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और निजी बीज कंपनियों व फर्मों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि दूसरे दिन जनपद स्तर के विभागीय अधिकारियों और थोक व फुटकर बीज विक्रेताओं को तकनीकी जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले प्रतिनिधि अपने-अपने जनपदों में मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य करेंगे और अन्य डीलरों व डिस्ट्रीब्यूटर्स को पोर्टल के संबंध में शिक्षित करेंगे। विभाग द्वारा समस्त बीज विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि आगामी अप्रैल माह से अनिवार्य रूप से साथी पोर्टल के माध्यम से ही बीज व्यवसाय का संचालन सुनिश्चित करें।

क्या है साथी (SATHI) पोर्टल ?

साथी (SATHI) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक पोर्टल है। इसका पूरा नाम ‘सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी’ है। यह बीज क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाला एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह पोर्टल बीज के उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की पूरी श्रृंखला को ट्रैक करता है, जिससे नकली बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगती है। किसान बीज के पैकेट पर अंकित क्यू आर कोड को स्कैन करके बीज के स्रोत, उत्पादक एजेंसी और उसकी शुद्धता की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संक्षेप में, यह पोर्टल बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर सटीक निगरानी करने में सहायक है।

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