
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के विधि विभाग की स्पेक्ट्रा मूट कोर्ट समिति द्वारा आयोजित द्वितीय बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता–2026 का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीबीएयू कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल द्वारा की गयी। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति प्रो. अमरपाल सिंह तथा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति प्रो. अजय तनेजा, विधि अध्ययन विद्यापीठ के संकायाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार चढ्ढा एवं विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा उपस्थित रहीं।

बीबीएयू कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन का व्यापक अनुभव प्रदान करना भी है, क्योंकि किसी भी पेशे में ज्ञान, कौशल और नैतिकता अत्यंत आवश्यक होते हैं। इसके अतिरिक्त प्रो. मित्तल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिवक्ताओं को अपने पेशे में इसका सदुपयोग करना चाहिए, किंतु यह भी स्पष्ट किया कि मानवीय मूल्यों का स्थान कोई तकनीक नहीं ले सकती।
यह प्रतियोगिता हाइब्रिड माध्यम से आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 36 टीमों ने सहभागिता की है। उद्घाटन समारोह के उपरांत शोधकर्ता परीक्षा भी संपन्न कराई गई।

प्रतियोगिता की कुल पुरस्कार राशि ₹ 1,00,000 निर्धारित की गई है, जो विजेता प्रतिभागियों को समापन सत्र के दौरान प्रदान की जाएगी।
समस्त कार्यक्रम के दौरान डॉ. सूफिया अहमद, डॉ. अनीस अहमद, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. मुजीबुर रहमान, डॉ. बृजेश कुमार यादव, डॉ. विष्णु पति त्रिपाठी, डॉ. गर्गी वोहरा, डॉ. खुशनुमा बानो, अन्य शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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