
अशोक यादव, लखनऊ : बीबीएयू में बुधवार 11 फरवरी को ऐमीनेंट लेक्चर सीरीज कमेटी की ओर से ‘बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय सतत् विकास की ओर अग्रसर’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य वक्ता के तौर पर सतत् विकास लक्ष्य समिति, बीबीएयू के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर प्रो. सुनीता मिश्रा एवं ऐमीनेंट लेक्चर सीरीज कमेटी की अध्यक्ष प्रो. शिल्पी वर्मा मंच पर मौजूद रहीं। मंच संचालन का कार्य डॉ. नरेंद्र सिंह द्वारा किया गया।

कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा सभी सामाजिक एवं आर्थिक विकास की जननी है, और उच्च शिक्षण संस्थान इस प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुसार विश्वविद्यालय सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) को पाठ्यक्रम के साथ जोड़ रहा है, ताकि विद्यार्थियों को SDGs लीडर के रूप में तैयार कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। कुलपति ने यह भी घोषणा की कि जो विद्यार्थी SDGs से संबंधित उत्कृष्ट कार्य करेगा, उसे 14 अप्रैल को विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने अपने व्याख्यान में बताया कि सतत् विकास की अवधारणा की जड़ें 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन से प्रारंभ होकर रियो अर्थ समिट, मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स ,रियो+20 सम्मेलन और SDGs के ऐतिहासिक अंगीकरण तक विकसित हुईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 17 वैश्विक लक्ष्य, 169 टारगेट और 247 संकेतक मिलकर एक समग्र विकास दृष्टि प्रस्तुत करते हैं, जिसका मूल मंत्र है- ‘किसी को पीछे न छोड़ना।’ कानपुर क्षेत्र के रसूलाबाद एवं अन्य गांवों में किए गए कार्यों की केस स्टडी प्रस्तुत की, जहां बंजर/ऊसर भूमि को सफलतापूर्वक उपजाऊ भूमि में परिवर्तित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति एवं मंचासीन शिक्षकों द्वारा प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा द्वारा लिखी गयी पुस्तक ‘ सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स: प्रेजेंट सिनेरियो एंड फ्यूचर प्रोस्पेक्टिव्स का विमोचन भी किया गया। अंत में डॉ. प्रीति गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
समस्त कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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