
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार 6 फरवरी को प्रबंध अध्ययन विभाग,बीबीएयू एवं एमएसएमई- विकास कार्यालय, कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन पर आधारित ‘प्रबंध विकास कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर डायरेक्टर, एमएसएमई- विकास कार्यालय, कानपुर वी.के. वर्मा मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू , एमएसएमई असिस्टेंट डायरेक्टर नीरज कुमार एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तरुणा उपस्थित रहीं।
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं को इस बात पर गंभीरता से चिंतन करना होगा कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले बनें, तभी विकसित भारत–2047 का सपना साकार हो सकेगा।

डायरेक्टर वी.के. वर्मा ने एमएसएमई के कार्यों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह क्षेत्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई का मुख्य उद्देश्य लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना है।
एमएसएमई असिस्टेंट डायरेक्टर नीरज कुमार ने चर्चा के दौरान कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की जीडीपी और समग्र अर्थव्यवस्था में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला क्षेत्र है, जो व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अंत में डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो.एस. विक्टर बाबू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. लता बाजपेयी सिंह, डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. सलिल सेठ, डॉ. अनिल यादव, डॉ. देवेंद्र, अन्य शिक्षक, शोधार्थी, प्रतिभागी एवं विद्यार्थी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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