
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार 4 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की पूर्व कुलपति प्रो. सीमा सिंह उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त मंच पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की प्रो. मीनाक्षी सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. रजनी रंजन सिंह, शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही, प्रो. हरिशंकर सिंह एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संगीता चौहान उपस्थित रहीं।
कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसंधान हमारे ज्ञान का एक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक अध्ययन है, जिसमें सटीकता, विश्वसनीयता और वैधता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। क्योंकि इन्हीं के आधार पर किसी भी शोध को पूर्ण एवं सार्थक माना जाता है। उन्होंने बताया कि अनुसंधान समस्या का चयन करते समय शोधार्थी को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि विषय प्रासंगिक और उद्देश्यपूर्ण हो।

राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने युवाओं को शोध-शक्ति के समान बताते हुए कहा कि भारत एक युवा-प्रधान देश है और यदि युवा अपनी ऊर्जा व क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करें, तो देश को एक नई एवं सकारात्मक दिशा प्रदान की जा सकती है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की प्रो. मीनाक्षी सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. रजनी रंजन सिंह एवं शिक्षा विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. राज शरण शाही ने भी आयोजन समिति को इस प्रकार के कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु हार्दिक बधाई दी। अंत में प्रो. हरिशंकर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर प्रथम सत्र दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. रजनी रंजन सिंह की अध्यक्षता में ‘बेसिक पैराडाइम ऑफ एजुकेशनल रिसर्च’ विषय पर आयोजित किया गया। द्वितीय एवं तृतीय सत्र बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. मीनाक्षी सिंह की अध्यक्षता में क्रमशः ‘टूल कंस्ट्रक्शन फॉर टेस्ट’ एवं ‘टूल कंस्ट्रक्शन फॉर स्केल’ विषय पर आयोजित किया गया।
समस्त कार्यशाला के दौरान आईक्यूएसी डॉयरेक्टर प्रो. शिल्पी वर्मा, डॉ. बुद्धि सागर गुप्ता, डॉ. सुभाष मिश्रा, डॉ. लालिमा, डॉ. शिखा तिवारी, डॉ. विक्टोरिया सुजैन, डॉ. राजेश इक्का , डॉ. मीना विश्वेश्वर, डॉ. विवेक नाथ त्रिपाठी, अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।
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