
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार 2 फरवरी को राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व राज्य संपर्क अधिकारी, एनएसएस डॉ. एस. बी. सिंह उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर डीएसडब्ल्यू प्रो. नरेंद्र कुमार, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तरुणा एवं एनएसएस समन्वयक डॉ. पवन कुमार चौरसिया उपस्थित रहे।
प्रो. सुनीता मिश्रा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए उसे पूरे मन, समर्पण और जुनून के साथ करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप तैयार करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि सही दिशा और योजना के माध्यम से ही लक्ष्य को सटीक रूप से हासिल किया जा सकता है।

डॉ. एस. बी सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हमें ज्ञान को केवल अर्जित करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसे आत्मसात कर निरंतर जिज्ञासु बने रहना चाहिए। उन्होंने भाषा के आतंक से बचने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भाषा का वास्तविक उद्देश्य समाज में नागरिकों को जोड़ना और आपसी समझ को सुदृढ़ करना है, न कि भेदभाव या दूरी उत्पन्न करना।
प्रो. नरेंद्र कुमार ने चर्चा के दौरान कहा कि हम सभी को गंभीरता से यह सोचना होगा कि समाज की सेवा किस प्रकार की जा सकती है और उसी दिशा में ठोस कार्य करने होंगे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हमें ऐसे समाज के निर्माण के लिए प्रयास करना चाहिए जहाँ किसी भी प्रकार की सामाजिक विसंगति और भेदभाव का स्थान न हो।
अंत में डॉ. पवन कुमार चौरसिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षक, गैर शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
Suryoday Bharat Suryoday Bharat