
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में प्रदेश के गौ आश्रय स्थलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए सख्त रूप से निर्देश दिये कि नोडल अधिकारियों द्वारा गौशाला के निरीक्षण के समय व्यवस्थाएं सही न पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। पराग के माध्यम से पौष्टिक पशु आहार गौशालाओं को उपलब्ध कराया जाए।
सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मण्डल स्तरीय जनपदों की गौशालाओं में सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगाये जाए। पशुओं हेतु दवाई एवं वैक्सीन का उचित प्रबंध किया जाए। ठंड में चारा, भूसा या दवाओं के अभाव में किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो। पशुचिकित्साधिकारी गौ आश्रयस्थल पर जाकर गोवंश के उत्तम स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं औषधि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। हरे चारे एवं पशुआहार की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए।
मंत्री ने निर्देश दिये कि अवस्थापना कार्यों का बजट यथाशीघ्र आवंटित कर समय पर कार्य पूर्ण कराये जाए और कार्यों में गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखा जाए। उन्होंने 76 प्रतिशत बजट व्यय किये जाने पर संतोष व्यक्त किया ! किसी भी मद का बजट सरेंडर न होने पाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 7497 गोआश्रय स्थल हैं, जिनमें 1238447 निराश्रित गोवंश संरक्षित किये गये हैं।
पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने मंत्री को विभाग की योजनाओं की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया और आश्वस्त किया कि उनसे प्राप्त दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, पीसीडीएफ के एमडी वैभव श्रीवास्तव, दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव राम सहाय यादव, पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डा0 मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद तथा संयुक्त निदेशक डा0 पी0के0 सिंह सहित पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Suryoday Bharat Suryoday Bharat