
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार आम नागरिकों, महिलाओं, छोटे व्यवसायियों और परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से स्टांप एवं पंजीयन शुल्क से जुड़ी महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल कर रही है। इसके तहत, दान विलेख, किरायेदारी विलेख और महिलाओं के पक्ष में रजिस्ट्री पर बड़ी रियायत प्रदान की जा रही है।
मंगलवार को विधान भवन कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पारिवारिक अचल संपत्ति के बंटवारे में अब भारी खर्च नहीं करना पड़ेगा। पहले बंटवारे के दौरान लाखों रुपये का स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब पारिवारिक विभाजन विलेख पर स्टांप शुल्क ₹ 5000 और रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम ₹ 5000 तक सीमित कर दिया गया है। कुल ₹ 10 हजार रुपये में परिवार अपनी संपत्तियों का वैध और न्यायसंगत बंटवारा करा सकेंगे।
मंत्री जायसवाल ने कहा कि महिलाओं के पक्ष में स्टांप शुल्क में बड़ी राहत दी गई है। अब महिलाओं/बेटियों के नाम दर्ज होने वाले विलेखों पर स्टांप शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। पहले यह सुविधा ₹ 10 लाख के रजिस्ट्रेशन मूल्य तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹ 1 करोड़ तक कर दिया है। यानी अब ₹ 1 करोड़ तक मूल्य की संपत्ति की रजिस्ट्री में भी महिलाओं को छूट का लाभ मिलेगा। छूट की सीमा को 10 गुना तक विस्तार देना सरकार के महिला सशक्तीकरण के प्रति गंभीर संकल्प को दर्शाता है।
मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि परिवार के सदस्यों के बीच आवासीय, व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान विलेख पर स्टांप शुल्क की अधिकतम सीमा ₹ 5000 निर्धारित कर दी गई है।
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