
अशोक यादव : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शनिवार 10 जनवरी को ‘विश्वविद्यालय दिवस’ के अवसर पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय समारोह का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल द्वारा की गयी। मुख्य अतिथि के तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार एवं चाणक्य विश्वविद्यालय, बैंगलोर के प्रो. के.वी. राजू उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर विशिष्ट अतिथि एवं बीबीएयू के पूर्व कुलपति प्रो. बी. हनुमैया जी, मुख्य वक्ता एवं पूर्व सलाहकार, शिक्षा, योजना आयोग, भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. फुरकान कमर, कार्यक्रम संयोजक प्रो. राम चंद्रा एवं प्रो. कुशेंद्र मिश्रा मौजूद रहे। सर्वप्रथम कार्यक्रम संयोजक प्रो. राम चंद्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया, मंच संचालन का कार्य डॉ. लता बाजपेयी सिंह द्वारा किया गया।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि बीबीएयू की विकास यात्रा शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक निर्माण की एक सशक्त प्रक्रिया के समान है, जिसमें विचारों ने केंद्रीय भूमिका निभाई है। क्योंकि विचार नवाचार को जन्म देते हैं, नवाचार से उद्यम विकसित होते हैं और उद्यम से राष्ट्र निर्माण संभव होता है।अंत में उन्होंने भौतिकवाद और पाश्चात्य विचारधारा से हटकर भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर लौटने की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी इसी भावना को प्रतिपादित करती है, क्योंकि वही राष्ट्र वास्तविक रूप से विकसित होता है जो अपनी भाषा, संस्कृति और सभ्यता पर गर्व करता है।

मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार प्रो. के.वी. राजू ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की विगत 30 वर्षों की विकास यात्रा अत्यंत सार्थक, सशक्त एवं उपलब्धियों से परिपूर्ण रही है। परन्तु अब हम सभी को विकसित भारत–2047 के स्वप्न को साकार करने हेतु आगामी 22 वर्षों के लिए स्पष्ट, दूरदर्शी एवं आउटकम आधारित लक्ष्य निर्धारित करने होंगे।

बीबीएयू के पूर्व कुलपति प्रो. बी. हनुमैया जी ने विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी पुरानी विकास यात्रा और अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय ने विगत 30 वर्षों में जो अप्रतिम उन्नति की है, वह वास्तव में आश्चर्यजनक और प्रेरणादायक है।

प्रो. फुरकान कमर ने कहा कि बीबीएयू की बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा, सुदृढ़ आधारभूत संरचना, उत्कृष्ट शोध, विविध सांस्कृतिक गतिविधियाँ, नैक A++ सहित अन्य प्रतिष्ठित रैंकिंग्स विश्वविद्यालय की 30 वर्षों की समृद्ध विकास यात्रा को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी संस्था को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के लिए केवल संसाधनों से अधिक एक दूरदर्शी दृष्टिकोण और अरमान की आवश्यकता होती है।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के मीडिया सेंटर द्वारा तैयार की गई एक विस्तृत एवं प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। डॉक्यूमेंट्री में विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास, शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध कार्यों तथा आधारभूत संरचना की झलक दिखाई गई।
अंत में प्रो. शूरा दारापुरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समस्त कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर शिक्षण अधिकारी, शोधार्थी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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