
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमियों को प्रोत्साहन व सुविधाएं देने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं। इस सेक्टर में प्रदेश में बहुत तेजी से काम करते हुए जहां किसानों के उत्पादों के प्रसंस्कृत कराते हुए उन्हें सुविधाएं मुहैय्या कराने के साथ उनके भण्डारण आदि के बारे में भी सार्थक कदम उठाए गए हैं। विकसित भारत की नींव को मजबूत करने में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने मे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की सहभागिता हो।

उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान पर है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर्स में इच्छुक उद्यमियों द्वारा विभिन्न जनपदों में एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किये गये हैं।
अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीणा की अध्यक्षता में तथा विशेष सचिव खाद्य प्रसंस्करण टी के शीबू की उपस्थिति में उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अन्तर्गत शुक्रवार को अप्रेजल समिति की बैठक खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय के सभाकक्ष में आयोजित की गयी।

अप्रेजल समिति के समक्ष 12 प्रस्तावों को प्रस्तुत किया गया, जिसमे से 10 प्रस्तावो को अप्रेजल समिति द्वारा मंजूरी प्रदान करते हुये, राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किये जाने की संस्तुति की गयी। जनपद सहारनपुर से 2, सीतापुर से 1 अम्बेडकरनगर से 1, शाहजहांपुर से 1, लखनऊ 1, पीलिभीत से 1, अलीगढ़ से 1, बरेली से 1, मेरठ से 1 प्रस्तावों का अप्रेजल समिति द्वारा अनुमोदन किया गया।
पूर्व में स्वीकृत एवं पूर्णतः स्थापित इकाईयों यथा मेसर्स औरा एग्रोटेक प्रा०लि०, गोरखपुर को कुक्कुट कैटिल फीड एवं जुपीटर फूड प्रोड्क्ट्स इण्डिया प्रा०लि० एटा को चिकोरी के प्रसंस्करण हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
Suryoday Bharat Suryoday Bharat