
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / लखनऊ : भारतीय रेल में संरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले 29 महत्वपूर्ण स्टेशनों जैसे लखनऊ, बाराबंकी, आलमनगर, कानपुर ब्रिज, उन्नाव, ऊँचाहार, सुल्तानपुर, जाफराबाद व वाराणसी आदि पर ‘कवच’ (KAVACH) प्रणाली के कार्यान्वयन हेतु इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के कार्य को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं: कुल लागत: इस पूरी परियोजना को ₹ 268.96 करोड़ की अनुमानित लागत के साथ पूरा किया जाएगा।
• उद्देश्य: इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का मुख्य उद्देश्य रेल को विकसित स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इससे ट्रेनों की गति में सुधार आएगा।
• तकनीकी लाभ: यह आधुनिक प्रणाली मैन्युअल हस्तक्षेप को कम करेगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित और अधिक सटीक हो सकेगा। यह स्टेशनों पर ट्रेनों के सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि संरक्षा की दिशा में प्रतिबद्धता: रेल मंत्रालय के अनुसार, लखनऊ मंडल में इस तकनीक के आने से ट्रेनों की गति सीमा में सुधार होगा और मानवीय त्रुटियों की संभावना लगभग शून्य हो जाएगी।
यह निवेश भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण के दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके। लखनऊ मंडल के इन 29 स्टेशनों पर कार्य पूर्ण होते ही पूरे क्षेत्र के रेल नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।
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