
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : नए साल के अवसर पर लखनऊ धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभरता नजर आया। शहर के प्रमुख मंदिरों, गुरुद्वारों और जैन धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजधानी अब आस्था और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख गंतव्य भी बन रही है। पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार का नववर्ष पर देखने को मिला।
मनकामेश्वर मंदिर, हनुमान सेतु, अलीगंज नया हनुमान मंदिर, चंद्रिका देवी मंदिर, हनुमंत धाम, आलमबाग हनुमान मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसरों में आरती, भजन, शोभायात्रा, हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन हुआ, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहर से आए पर्यटकों को भी आध्यात्मिक अनुभव मिला।
अलीगंज स्थित नए हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी जगदंबा प्रसाद ने बताया कि मंदिर को 501 किलो फूलों से सजाया गया था और पूरे दिन भंडारे का आयोजन चलता रहा। उन्होंने बताया कि सुबह से रात तक करीब 2.50 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के दर्शन किए। मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने बताया कि आंग्ल नववर्ष के उपलक्ष्य में सुबह सात बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई और पूरे दिन डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए।
लखनऊ के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी भगवान सिंह बिष्ट के अनुसार नववर्ष पर यहां भी 1.50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए । जैन मंदिरों में शांति धारा और अभिषेक, जबकि यहियागंज, आलमबाग, इंदिरानगर और खालसा चौक स्थित गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजे।
पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजधानी के प्रमुख स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बुद्धेश्वर महादेव मंदिर को ₹2.31 करोड़ की लागत से आधुनिक रूप दिया जा रहा है !
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