
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने राज्य तकमील-उत-तिब कॉलेज एवं अस्पताल, लखनऊ में बुधवार 17 दिसंबर को स्नातकोत्तर (पीजी) यूनानी विद्यार्थियों हेतु आयोजित ट्रांजिशनल करिकुलम प्रोग्राम (2025–26) के समापन समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम प्रो. राज कुमार मित्तल के मुख्य आतिथ्य में अब्दुल अज़ीज़ हॉल में संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त डॉ. मुईद अहमद, अध्यक्ष, नेशनल यूनानी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन, लखनऊ एवं डॉ. अनीस अहमद, एसोसिएट प्रोफेसर, विधि विभाग, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अब्दुल क़वी ने की।

प्रो. राज कुमार मित्तल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रांजिशनल करिकुलम प्रोग्राम जैसे शैक्षणिक उपक्रम विद्यार्थियों को अकादमिक दक्षता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुसंधान अभिवृत्ति एवं व्यावसायिक कौशल एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति की वैज्ञानिक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए सतत प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. मुईद अहमद ने अपने उद्बोधन में यूनानी चिकित्सा को समग्र स्वास्थ्य एवं जीवनशैली आधारित चिकित्सा विज्ञान बताते हुए छात्रों से समाजोन्मुखी एवं नैतिक चिकित्सा अभ्यास अपनाने का आह्वान किया। प्रो. अब्दुल क़वी ने कॉलेज का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक विभागों, अस्पताल सेवाओं एवं यूनानी चिकित्सा शिक्षा में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अब्दुल मलिक ने ट्रांजिशनल करिकुलम प्रोग्राम की समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत शैक्षणिक, शोध एवं प्रेरणादायक व्याख्यानों के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु न्यूरो-स्प्रिंट चैलेंज, वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता एवं माइंड बैलेंस क्वेस्ट जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
आयोजन समिति की ओर से प्रो. राज कुमार मित्तल को पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट करके सम्मानित किया गया। प्रो. राज कुमार मित्तल द्वारा कार्यक्रम में योगदान देने वाले आमंत्रित वक्ताओं एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
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