
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / मैंनपुरी : मैनपुरी के भांवत गाँव ने स्पेन से आए विदेशी मेहमानों को ग्रामीण जीवन की वास्तविक झलक दी। ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत हुए इस दौरे में अतिथि (फ़ेरेस मरीन सैंड्रा, लूर्देस गिराल्डो रोड्रिग्ज़ और सिंतिया बेलन बोनीनो) ने उत्तर प्रदेश के बदलते ग्रामीण परिवेश, स्थानीय संस्कृति और कृषि व्यवस्था को समझा। गाँव के प्रतिनिधि विश्राम सिंह ने उन्हें गाँव का भ्रमण कराया, स्थानीय परिवारों से मिलवाया ।उन्होंने पारंपरिक बिलौना विधि से माखन बनाना सीखा, मिट्टी के बर्तन बनाने का काम देखा, सिंघाड़ा खेती का अवलोकन किया और प्रसिद्ध प्राचीन जखदर महादेव मंदिर भी गए, जो स्वयंभू शिवलिंग और 200 वर्ष पुराने पवित्र वृक्ष के लिए जाना जाता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मेहमान ‘रोहित होमस्टे’ में ठहरे ! भांवत गाँव सारस सर्किट संरक्षण परिदृश्य का हिस्सा है और यहाँ 10 हेक्टेयर का जलाशय है, जहाँ राज्य पक्षी सरस और कई विदेशी प्रवासी पक्षी आते हैं। यह गाँव सिंघाड़ा उत्पादन का प्रमुख केंद्र भी है, जिसकी उपज दिल्ली के आज़ादपुर मंडी तक जाती है। पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गाँव में 10 होमस्टे पंजीकृत किए गए हैं। इन होमस्टे के मालिकों को लखनऊ स्थित मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान में पाँच दिन का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
मैनपुरी के आँकड़े बताते हैं कि, 2023 में 18,72,670 पर्यटक आए, जो 2024 में बढ़कर 20,04,724 हो गए और 2025 की पहली छमाही में ही 6,92,130 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। हम होमस्टे, फार्मस्टे और स्थानीय सुविधाओं को मजबूत कर रहे हैं।”
मंत्री ने आगे कहा “मैनपुरी के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों और पर्यटन आकर्षणों के पुनर्जीवन पर 27.35 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया जा रहा है। इसमें जाखौआ गाँव स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर और पडरिया गाँव स्थित काली माता मंदिर सहित अन्य आध्यात्मिक स्थलों का विकास शामिल है।”
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