
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रबंधन अध्ययन विभाग, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ द्वारा बुधवार 19 नवंबर 2025 को महिला उद्यमिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहित करना तथा विशिष्ट महिला उद्यमियों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से छात्रों को प्रेरित करना था।

डॉ. लता बाजपेयी सिंह ने बताया कि संगोष्ठी के लिए पूरे भारत से 112 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुतियों के लिए पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता सत्र, संवादात्मक चर्चाएँ और बिजनेस प्लान पुरस्कार वितरण मुख्य आकर्षण रहे। वक्ताओं में से प्रमुख डॉ. कामिनी सिंह, निदेशक—डॉक्टर मॉरिंगा प्राइवेट लिमिटेड, ने अपने उद्यम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि डॉक्टर मॉरिंगा प्राकृतिक तथा स्वास्थ्य-उन्मुख उत्पादों का निर्माण करता है और ग्रामीण समुदायों, महिलाओं को रोजगार से सशक्त बनाता है। डॉ. मीनू त्यागी, सचिव—सबला एनजीओ, रायबरेली, ने सबला की स्थापना और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

डॉ. अपर्णा मिश्रा, संस्थापक—वुमनशाइन, ने अपनी कंपनी की स्थापना यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि वुमनशाइन विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को उजागर और सशक्त करने का एक प्लेटफॉर्म है।

अध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह, डीन—डीएमएस, ने प्रेरणादायक शब्दों के साथ सभी अतिथियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने छात्रों को सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक गुण—नेतृत्व, नवाचार, समस्या समाधान क्षमता, आत्मविश्वास और समन्वय—के विकास पर बल दिया।
कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने नए व्यवसायों और स्टार्टअप के उभरते अवसरों पर विस्तृत विचार रखे। उन्होंने उद्यमियों द्वारा असफलता के भय को कैसे दूर किया जा सकता है, इस पर मार्गदर्शन दिया और उन महिला उद्यमियों की प्रेरक कहानियाँ साझा कीं, जिन्होंने चुनौतियों को अवसरों में बदला।

कार्यक्रम का समापन सह-संयोजक डॉ. कृष्णा मुरारी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, उन्होंने विशिष्ट अतिथियों, संकाय सदस्यों और छात्रों का आभार व्यक्त किया।
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