
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में गुरुवार 28 अगस्त को संस्थान नवाचार परिषद की ओर से नवाचार/प्रोटोटाइप से स्टार्टअप: सत्यापन एवं विकास (प्रोटोटाइप से बाज़ार में सफलता तक) ‘Innovation/Prototype to Startup: Validation & Growth (From Prototype to Market Success)’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य तौर पर आईआईसी, बीबीएयू के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा, मुख्य वक्ता एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता साहू एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ सुभाष मिश्र उपस्थित रहे। सर्वप्रथम प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया एवं सभी को कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रुपरेखा से अवगत कराया।

मुख्य वक्ता प्रो. संगीता साहू ने अपने व्याख्यान में प्रोटोटाइप को स्टार्टअप में परिवर्तित करने के दौरान ध्यान देने योग्य सावधानियों को विस्तार से समझाया। साथ ही प्रोटोटाइप के प्रमाणीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए यह बताया कि प्रोटोटाइप की वैद्यता ही स्टार्टअप की सफलता को सुनिश्त करती है। प्रो. संगीता साहू ने छात्रों और शोधार्थियों को संबोधित करते हुए नवाचार की वास्तविक उपयोगिता और उसकी यात्रा को विस्तार से समझाया। उन्होनें इस तथ्य पर विशेष बल दिया कि आज के समय में असफल स्टार्टअप्स की संख्या इसलिए अधिक है क्योंकि वे उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं और बाजार की मांग के अनुरूप स्वयं को ढाल नहीं पाते। केवल विचार प्रस्तुत कर देने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उस विचार को योजनाबद्ध तरीके से लागू करना, आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ बनाना और समाज में स्वीकार्यता दिलाना आवश्यक है।
अंत में डॉ. सुभाष मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समस्त कार्यक्रम के दौरान प्रो. राज शरण शाही , प्रो हरिशंकर सिंह, डॉ. बी एस गुप्ता, अन्य शिक्षक, गैर शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।