
भीम प्रकाश शर्मा, श्रीगंगानगर : वर्तमान समय में फास्ट फूड, शराब और अनियमित जीवन शैली के कारण लिवर की बिमारियों के मरीज बढ़ रहे है। लिवर जागरूकता के संदर्भ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेदांता हॉस्पिटल गुरूग्राम के लिवर ट्रांसप्लांट चीफ पद्मश्री डॉ. अरविन्दर सिंह सोइन ने कही। उन्होंने कहा कि लिवर ट्रांसप्लांट वर्तमान समय में बहुत तेजी से बढ़ रहे है क्योंकि अनियमित जीवनशैली और गलत खान-पान के चलते रोजाना लिवर के मरीज बढ़ रहे है। इनमें से कुछ बिमारियां ऐसी होती है, जिनका मात्र दवाई से इलाज संभव होता है, परंतु बहुत सारे ऐसे मरीज भी होते है, जिनमें लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प होता है।
मरीजों को पहले पूरी तरह से स्क्रीन करने के बाद मेदांता गुरूग्राम के अत्याधुनिक लिवर ट्रांसप्लांट विभाग में भर्ती कर उनका लिवर ट्रांसप्लांट किया जाता है। ऐसे मरीजों की संख्या लगभग प्रति माह 25 के करीब होती है, यानि लगभग प्रतिदिन एक लिवर ट्रांसप्लांट हो रहा है। करीब 5 हज़ार से ज्यादा लिवर ट्रांसप्लांट करने का अनुभव रखने वाले डॉ. सोइन ने कहा कि वर्तमान समय में लिवर ट्रांसप्लांट की सफलता दर 95 प्रतिशत है, जो बहुत बेहतरीन है।
डॉ. सोइन ने राजस्थान में फैटी लिवर डिजीज, अल्कोहल-सम्बंधित सिरॉसिस और वायरल हेपेटाइटिस जैसी समस्याओं की गंभीरता पर भी चिंता जताई और कहा कि हर साल राजस्थान के हजारों नागरिक लिवर की लास्ट स्टेज (एंड-स्टेज लिवर डिजीज) का शिकार होते हैं, लेकिन केवल कुछ ही समय रहते ट्रांसप्लांट के लिए पहुँच पाते हैं।
मेदांता गुरूग्राम के लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. अंकुर ए गुप्ता एवं आईएमए श्रीगंगानगर अध्यक्ष डॉ. हरीश रहेजा ने भी लिवर की बिमारियों के संबंध में जानकारियां साझा की। डॉ. हरीश रहेजा ने बताया कि डॉ. अरविन्दर सिंह सोइन और डॉ. अंकुर गुप्ता की नियमित लिवर ओपीडी प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को सुखाडिय़ा मार्ग स्थित श्री अम्बे हॉस्पिटल में उपलब्ध रहेंगी।