सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनी एवं पारंपरिक मेलों का महत्व प्राचीन काल से है। आज भी लोग मेले एवं प्रदर्शनियों में बड़े उत्साह से खरीददारी करते हैं। मेले व प्रदर्शनी के महत्व को देखते हुए 02 अक्टूबर से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में खादी तथा ग्रामोद्योग उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। प्रदर्शनी में ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत खादी एवं ग्रामोद्योग इकाइयां अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार एवं बिक्री कर सकेंगे। प्रदर्शनी में इकाइयों को स्टाल फ्री में दिये जायेंगे।खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बताया कि ‘‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’’ के अन्तर्गत स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार एवं बिक्री के दृष्टिगत इस वर्ष प्रदेश के सभी जनपदों में प्रदर्शनी के आयोजन का निर्णय लिया गया है। गत वर्ष प्रदेश के समस्त मण्डल मुख्यालयों एवं चयनित जनपदों में खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इसमें 12 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के उत्पादों की बिक्री हुई थी। इन प्रदर्शनियों में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की खदीददारी के प्रति लोगों में अच्छा उत्साह देखने को मिला था। उन्होंने बताया कि मेलों व अन्य पर्व के अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी में ग्रामीण अंचलों के लोगों को खादी के उत्पादों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। इससे बिक्री की संभावनाएं बढ़ती है। इस प्रकार खादी उत्पादों को लोकप्रिय बनाने में प्रदर्शिनियों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।सचान ने बताया कि प्रदर्शनी के आयोजन से जहॉ एक ओर खादी तथा ग्रामोद्योगी उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा, वही दूसरी ओर आम जन-मानस को स्थानीय स्तर परं स्वदेशी एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध होगें। इन प्रदर्शनियों में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग एवं माटी कला बोर्ड द्वारा स्वरोजगार हेतु संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर निजी उद्यम स्थापित करने हेतु युवाओं को प्रोत्साहित किया जायेगा।
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