लखनऊ : बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने लोकसभा चुनाव में एकजुटता की वकालत कर रहे विपक्षी दलों को साफ संदेश दिया और अपने इरादे भी जता दिये हैं. उन्होंने कहा है कि बीएसपी सिर्फ सम्मानजनक संख्या में सीटें मिलने की सूरत में ही किसी दल के साथ गठबंधन करेगी, वरना वह अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी. मायावती ने आज यहां अपने नये आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा “लोकसभा चुनाव और उससे पहले कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों की यह कोशिश होगी कि भाजपा को किसी भी कीमत पर सत्ता में आने से रोका जाए. इसके लिये गठबंधन करके चुनाव लड़ने की बात भी हो रही है.” उन्होंने कहा “हमारी पार्टी गठबंधन के खिलाफ नहीं है, लेकिन इस बारे में पार्टी का शुरू से ही स्पष्ट रूख है. पार्टी किसी भी दल के साथ तभी कोई गठबंधन करेगी जब उसे सम्मानजनक सीटें मिलेंगी वरना हमारी पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ना बेहतर समझती है.
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन बनाने की कोशिशें जारी हैं. माना जा रहा है कि दलितों में पैठ रखने की वजह से इसमें बसपा की अहम भूमिका हो सकती है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बसपा के साथ गठबंधन की ख्वाहिश लगभग हर मंच से जाहिर करते रहे हैं. ‘एनडीटीवी युवा’ कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने भी दावा किया है कि अगर मायावती जी उनके संपर्क में हैं बिना क्षेत्रीय दलों को सहयोग से बीजेपी को नहीं रोका जा सकता है. बीजेपी के पास अगर 56 इंच का सीना है तो कांग्रेस को भी बड़ा सीना दिखाना चाहिए. अखिलेश यादव की बातों से ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के साथ सपा और बसपा का गठबंधन पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रहा है.
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