देहरादून: कंबाइंड मेडिकल इंस्टीट्यूट (सीएमआई) में निदेशकों के रिश्तेदारों को बिना काम मोटा वेतन दिया जा रहा है। आयकर विभाग के सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। इसके अलावा कई और वित्तीय अनियमितताएं पकड़ में आई हैं। दूसरी ओर, ऋषिकेश स्थित तिरुपति ट्रेडर्स में भी आयकर चोरी का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। दोनों ही जगहों से बुधवार को आयकर विभाग की टीमों ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए। मंगलवार को प्रधान आयकर आयुक्त सुनीति श्रीवास्तव के निर्देशन में सीएमआई हॉस्पिटल व इससे जुड़े प्रतिष्ठानों के अलावा ऋषिकेश में तिरुपति ट्रेडर्स में आयकर विभाग ने सर्वे शुरू किया। सर्वे की कार्रवाई बुधवार की देर रात तक हुई। फार्मेसी के खातों में भी अवैध लेनदेन सूत्रों के मुताबिक, सीएमआई अस्पताल में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़ में आई है।
यहां शुरुआती जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि अस्पताल के जितने भी निदेशक हैं, उनके परिजनों और रिश्तेदारों के नाम से हर महीने मोटा वेतन जारी किया जा रहा है। जबकि उनमें से कोई भी सीएमआई में सेवाएं नहीं दे रहा है। दूसरी ओर, सीएमआई परिसर में चल रही फार्मेसी के खातों में भी अवैध लेनदेन पकड़ में आया है। बुधवार को आयकर विभाग की टीम ने यहां से कई दस्तावेज कब्जे में लिए। मौके पर मौजूद निदेशकों और अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। सीएमआई की ओर से इनकम टैक्स रिटर्न में जो जानकारी दी गई है, मौके पर मौजूद सुबूतों में इससे कहीं अधिक का ट्रांजेक्शन पकड़ में आया है। दूसरी ओर, तिरुपति ट्रेडर्स में भी बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़ में आई है। तिरुपति ट्रेडर्स ने यूपी निर्माण निगम से करोड़ों के काम लिए, लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं दिखाया। बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़े जाने पर टीम ने कई दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
Check Also
उत्तर रेलवे द्वारा सुरक्षित रेल परिचालन के लिए रात्रिकालीन निरीक्षण अभियान में तेजी
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : संरक्षा और परिचालन को बेहतर बनाने के निरंतर …
Suryoday Bharat Suryoday Bharat