छिबरामऊ, कन्नौज। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र दुबे पुत्र ब्रह्मानंद दुबे लंबी बीमारी के चलते लखनऊ के आर्मी अस्पताल में अपनी आखिरी सांस लेते हुए शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचते ही लोगों की आंखें नम हो गई। वहीं राजकीय सम्मान के साथ फतेहगढ़ से आए राजपूत रेजीमेंट के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
ग्राम अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र दुबे जम्मू कश्मीर श्रीनगर के बांदीपुर जिले में सूबेदार पद पर तैनात थे। देश सेवा करते करते शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी से पैतृक गांव लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। वहीं जवान के परिजनों मे पत्नी मधु व बच्चों का रो रोकर बुरा हो गया। शहीद जवान धर्मेंद्र दुबे के पार्थिक शरीर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर सिंघीरामपुर गंगा घाट पर किया गया। शहीद जवान के पार्थिक शरीर को लाने वाले सेना के जवानों ने बताया कि वह जम्मूकश्मीर श्रीनगर के बांदीपुर जिले में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान ये काफी बीमार पड़ गए। इनका कई महीने तक लखनऊ आर्मी अस्पताल में इलाज चला था। इलाज के दौरान ये शहीद हो गए। शहीद सूबेदार धर्मेंद्र दुबे 2002 में हवलदार के पद पर तैनात हुए थे। 2022 में उनको बीमारी ने पकड़ लिया और लखनऊ के आर्मी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
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