
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : नानाजी अक्सर कहा करते थे जिस दिन गांव जाग जाएंगे, उस दिन दुनिया जाग जाएगी। वह ऐसा अपने राजनीतिक अनुभव, सामाजिक दृष्टिकोण से कहा करते थे। उन्होंने कहा ही नहीं करके भी दिखाया। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद से शुरू की गई उनकी सामाजिक यात्रा में समाज मूलक कार्यों को नजदीकी से देखने का अवसर मुझे कई बार मिला है। श्रद्धेय नानाजी अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन विचार के रूप में वह आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। सियाराम कुटीर आकर पुनः पुरानी यादें ताजा हो गईं।
यह अवसर था भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रकूट स्थित आवास सियाराम कुटीर का, जहां भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं यूपी से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह उनको श्रद्धांजलि देने पहुंचे और उनके साथ बिताए पलों को याद करके भाव विभोर हो उठे।

अपने चित्रकूट प्रवास पर आज पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भारत रत्न नानाजी देशमुख को श्रद्धांजलि देने सियाराम कुटीर पहुंचे, वहां नानाजी के कक्ष में पहुंचकर उनको श्रद्धा पुष्प अर्पित किए। और कुछ देर नानाजी के कक्ष में ही बैठकर नानाजी के साथ बिताए पलों को याद करते हुए अपनी चिर-स्मृतियां साझा किए। सियाराम कुटीर में दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता निखिल मिश्रा द्वारा रोली टीका गमछा के साथ उनका अभिनन्दन किया गया।
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि नानाजी का कार्य यज्ञ की तरह है, उनको देखकर एक विशेष ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी जब गोंडा आए थे तब उस समय वे भी गोंडा में नानाजी के कार्यों के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं। नानाजी के स्वाबलंबन कार्यों को बहुत नजदीक से देखने का अवसर कई बार मिला है।
Suryoday Bharat Suryoday Bharat