मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को आती है. इस दिन को मोक्ष प्राप्ति का दिन कहा जाता है. इसी दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था. इस दिन पूजा उपासना से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति सम्भव होती है. इस दिन दान का फल अनंत गुना मात्र में प्राप्त होता है. इस बार मोक्षदा एकादशी 18 दिसंबर को मनाई जाएगी. इस दिन पूजा उपासना से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति सम्भव होती है. इस दिन दान का फल अनंत गुना मात्र में प्राप्त होता है.
मोक्षदा एकादशी का महत्व-
पद्मपुराण में भगवान श्रीकृष्ण धर्मराज युधिष्ठिर से कहते हैं-इस दिन तुलसी की मंजरी, धूप-दीप आदि से भगवान दामोदर का पूजन करना चाहिए. मोक्षदा एकादशी बड़े-बड़े पातकों का नाश करने वाली है. इस दिन उपवास रखकर श्रीहरि के नाम का संकीर्तन, भक्तिगीत, नृत्य करते हुए रात्रि में जागरण करें.
मोक्षदा एकादशी पर ऐसे करें उपासना?
– प्रातःकाल स्नान करके सूर्य देवता को जल अर्पित करें.
– इसके बाद पीले वस्त्र धारण करके भगवान कृष्ण की पूजा करें.
– उन्हें पीले फूल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें.
– इसके बाद भगवान कृष्ण के मन्त्रों का जाप करें या भगवद्गीता का पाठ करें.
– किसी निर्धन व्यक्ति को वस्त्रों या अन्न का दान करें.
– वैसे तो निर्जल उपवास रखना उत्तम होता है. परन्तु आवश्यकता होने पर जलीय आहार और फलाहार लिया जा सकता है.
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