नई दिल्ली: आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में नाकाम रहने पर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय आतंकी वित्तपोषण की निगरानी संस्था एफएटीएफ द्वारा कड़ी कार्रवाई के कगार पर है। उसे जल्द ही ग्रे लिस्ट में डाला जा सकता है। वहीं इसे लेकर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ग्रे लिस्ट में होना किसी भी राष्ट्र के लिए एक झटका है। एफएटीएफ की चेतावनी से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा और वे आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मजबूर होंगे। रावत ने कहा कि पाकिस्तान पर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भारी दबाव है। उसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी। हम चाहेंगे कि पाकिस्तान शांति बहाली की दिशा में काम करे।
ग्रे लिस्ट में होना भी उसके लिए एक झटका है। बता दें कि एफएटीएफ के टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के 27 मानकों में से 22 पर पाकिस्तान खरा नहीं उतर पाया। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह फरवरी 2020 तक एक्शन प्लान पूरा नहीं करता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है। दरअसल, 36 देशों वाले एफएटीएफ चार्टर के मुताबिक किसी भी देश को ब्लैक लिस्ट नहीं करने के लिए कम से कम तीन देशों के समर्थन की आवश्यकता होती है। पाकिस्तान फिलहाल ग्रे लिस्ट (वॉच लिस्ट) में है और वो इससे बाहर आने की कोशिश में जुटा है। एफएटीएफ ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई पूरी करने के लिए उसे अक्टूबर तक का समय दिया था।
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