Breaking News

सावधान! बार-बार न इस्तेमाल करें ये खाद्य तेल, आपको कर देगा बीमार

अशाेक यादव, लखनऊ। होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में उपयोग होने वाला खाद्य तेल का बार बार इस्तेमाल होता है। यह सेहत के लिए घातक होता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम अब घरों और बाजार में तेल की बर्बादी रोकने के लिए रुको ( रिपर्पज यूजेड कुकिंग आयल ) का कार्यक्रम शुरू किया है। बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में बार बार इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अनूठी पहल की गई है। कार्यक्रम के माध्यम से एक ओर शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में तीन बार से अधिक तेल का उपयोग न किए जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक प्रयोग किये गए खाद्य तेल का इस्तेमाल साबुन बनाने वाली फैक्ट्री और मोमबत्ती की फैक्ट्रियों में किया जाता था, लेकिन इसका कुछ हिस्सा दोबारा बाजार में आता था। इस पर लगाम लगाने के लिए पहल की गई है। कुछ कंपनियां ऐसी हैं, जो इस तेल से बायोडीजल बना रही हैं। इनके माध्यम से इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल का कलेक्शन कराने और बायोडीजल तैयार करने की योजना है। यह कंपनियां इस्तेमाल किए गए तेल के अच्छे दाम भी दे रही हैं। ऐसे में इस तेल के वापस बाजार में आने आशंका भी कम हो जाती है। इस कंपनी के साथ पीपीपी मॉडल पर काम भी किया जाएगा।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रयोग किये गए कुकिंग ऑयल को एकत्र करने के लिए ऑनलाइन अप्लीकेशन मोबाइल साफ्टवेयर ऑयल ब्रदर्स तैयार किया गया है, जिसे Play Store से Download कर संस्था में रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। संस्था द्वारा संबंधित व्यवसायियों से मासिक आधार पर उपलब्ध कराए गए यूज्ड कुकिंग ऑयल को एकत्र कर बरेली स्थित रिफाइनरी ‘कृष्णा जनरल इजीनियरिंग वर्क्स’ को बायोडीजल में परिवर्तन के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि तेल को दोबारा गर्म करने से विषाक्त पदार्थ निकलते हैं और इसके सेवन से शरीर में फ्री रेडिकल्स भी बढ़ जाते हैं, जिससे सूजन और अन्य बीमारियां होती हैं। जब तेल को दो से तीन बार गर्म करते हैं, तो उसमें पोलर कंपाउंड बढ़ जाते हैं। जब यह पोलर कंपाउंड 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं, तो वह घातक हो जाता है। इसलिए तीन बार से ज्यादा तेल को गर्म करके इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है।

Loading...

Check Also

बुखार बरपा रहा कहर, ऐसे पहचानें फीवर डेंगू है या वायरल…

लखनऊ। बिना जांच के बता पाना मुश्किल है कि किसको कौन सा बुखार है। क्योंकि डेंगू-मलेरिया, ...