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फफूंदी लगी मिठाई बेच हो रहा ग्राहकों के जीवन से खिलवाड़

लखनऊ । अभी बहुत दिन नहीं हुए हैं जब लोग अपने प्रियजनों का जीवन करोड़ों रुपए होने के बाद भी बचा नहीं सजे। कोरोना काल में कई संपन्न लोग अपनी करोड़ों की संपति छोड़ के दुनिया को अलविदा कह गए। लेकिन फिर भी मनुष्य पैसे को जीवन से ऊपर ही मानता है।  त्यौहारों का सीजन शुरू होने वाला है और राजधानी में मिलावटखोरी और मुनाफाखोरी के चक्कर में फफूंद लगी मिठाई बिकने लगी । वहीं जब पीड़ित शहरी ने उस नामी दुकान पर जाकर इसकी शिकायत की तो उसका कोई फायदा नहीं हुआ । फूड डिपार्टमेंट से संपर्क किया तो महज खराब मिठाई के नमूने भर लिये गये और उस दुकानदार को तब तक ऐसी सेहत बिगाड़ने वाली मिठाईयों को बेचने का खुला लाइसेंस दे दिया गया । अंत में हारकर पीड़ित नागरिक ने आशियाना थाने की ओर रुख किया और न्याय की गुहार लगाते हुए थानाध्यक्ष के नाम लिखित तौर पर एक प्रपत्र लिखते हुए अपनी आपबीती बयां की ।
 जानकारी के अनुसार एलडीए कॉलोनी निवासी कानपुर रोड पुष्कर मिश्रा ने मंगलवार रात नौ बजे के करीब आशियाना चौराहे स्थित राज लक्ष्मी शॉप जो कि शहर का नामी ब्रांड बताया जाता है, वहां से बादाम जलेबी मिठाई खरीदी । घर जाकर जैसे ही उनकी पत्नी और बेटे ने मिठाई मुंह में डाला तो तुरंत ही उबकाई आने लगी । फिर मिठाई का डिब्बा खोलकर देखा तो उसमें फफूंद लगी थी । पीड़ित की मानें तो वो उसी समय उस मिठाई की दुकान पर गया और इसकी शिकायत दुकानदार से की तो वहां पर लोगों ने उसे घेर लिया और जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया जिससे वो घबरा गये । फिर पीड़ित ने पहले आशियाना थाने में लिखित शिकायत की और बाद में लखनऊ की एफएसडीए टीम के अधिकारी एसके मिश्रा से बात की । दूसरे दिन बुधवार को एफएसडीए टीम और पीड़ित उस मिठाई की दुकान पर पहुंचे ।  पीड़ित नागरिक की मानें तो जब वो एफएसडीए टीम के साथ मिठाई शॉप पर पहुंचे तो उन्हें अंदर बुलाया और उनकी शिकायत सुनने के बजाये उनसे नोकझोक शुरू कर दी । फिर फफूंद लगी मिठाई के साक्ष्य भी मिटाने की भी कोशिश हुई ।
उन्होंने बताया कि हैरानी तो उन्हें तब हुई जब फूड टीम के सामने यह सारी दबंगई उक्त दुकानदार और उसके आदमी उसके साथ कर रहे थे और पूरी टीम हाथ पर हाथ धरे खड़ी रही । दूसरी तरफ जब मिठाई शॉप ओनर से बात की गई तो उनका कहना रहा कि यह मेरी दुकान की मिठाई नहीं है , मिठाई बदल दी गई है । इसी क्रम में जब सीएफएसओ सुरेश कुमार मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मंगलवार रात में उन्हें इसकी जानकारी हुई थी । वो टीम के साथ बुधवार को राजलक्ष्मी पहुंचे थे । मगर वहां दुकानदार और शिकायतकर्ता के बीच तीखी बहस
होने लगी जिस पर वो टीम के साथ दुकान से बाहर आ गये । आगे बताया कि बाद में उन्होंने वहां से मिठाई के नमूने भर लिये हैं जिसे आगे लैब परीक्षण को भेजा जायेगा । वहीं जानकारों के अनुसार सही तो तब होता जब प्रथम दृष्टया चेकिंग पर गई एफएसडीएम टीम उक्त दुकान की खराब पड़ी अन्य मिठाईयों के स्टाक को नष्ट करा देती ताकि आगे अन्य लोगों के बीच इसकी बिक्री दुकानदार नहीं कर पाता । मगर जनहित को दरकिनार करते हुए महज विभागीय खानापूरी के मदेदनजर केवल नमूने भर लिये गये ।

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