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ट्रामा सेंटर का जायजा लेने पहुंचे सीएम योगी, कहा- तीन दिन में पूरी हो जांच

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लिए बीती रात (शनिवार) बेहद दर्दनाक रही। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भीषण आग लगने से मौत को मात देने के लिए लड़ाई लड़ रहे 5 लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो नवजात बच्चे भी शामिल हैं। मामले की जानकारी मिलते ही पूरे शहर में सनसनी फ़ैल गई। मामले की खबर पाते ही सीएम योगी भी घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे।

सीएम ने मृतक के परिवार वालों से मुलाक़ात की और मदद का आश्वासन दिया। सीएम योगी ने कहा- मामले की जांच मात्र तीन दिन के अन्दर होनी चाहिए।

सीएम ने मेडिकल कॉलेज का जायजा लेकर वहां आग लगने के कारणों को जाना। जानकारी के अनुसार ट्रामा अज्ञात कारणों से भीषण आग लगी और हड़कंप मच गया। मगर यह बात भी सामने आई कि आग लगने के बाद ट्रॉमा सेंटर के अग्निशमन उपकरण भी फेल हो गए थे जिसके बाद आग पर तुरंत काबू पाना मुश्किल हो गया।

केजीएमयू के सीएमएस एसएन शंखवार ने बताया कि “आग शार्ट सर्किट से लगी। अग्निशमन और पुलिस की टीम के साथ रेजिडेंट दौड़टरों की टीम राहत और बचाव कार्य में देर रात तक लगे रहे”। मुख्यमंत्री ने केजीएमयू प्रसाशसन से कहा है कि वह तीन दिन में आग लगने की रिपोर्ट भेजें।

पांच मरीजों की मौत प्रसाशन मौन

शनिवार की शाम को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के सेकंड फ्लोर में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनट में यह दूसरे फ्लोर तक पहुँचने लगी। ट्रॉमा सेंटर धुंए से भर गया। डॉक्टरों की मदद से ट्रामा सेंटर से मरीजों को बाहर निकाल कर गाँधी वार्ड और ने जगहों पर सुरक्षित शिफ्ट किया गया। आग लगने के पांच लोगों की मौत भी हुई जिस पर केजीएमयू प्रसाशन मौन है। इन मरने वाले करीजों में अरविन्द कुमार गौतम, वसीम, सरस्वती, मुकेश और एक नवजात शिशु है।

पीड़ितों का आरोप है कि आग लगने के बाद देर तक इलाज नहीं मिला। यहां तक कि अस्पताल में ट्रामा सेंटर की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी।

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