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काशी के खिड़कियां घाट पहुंचकर बीजेपी के संस्थापक आडवाणी ने देव दीपावली का उत्सव मनाया

वाराणासी। काशी में कल देव दीपावली का पर्व मनाया गया। इस दीवाली को देवताओं की दीपावली कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन सभी देवता बनारस में गंगा किनारे दीपावली मनाने आते हैं। यह पर्व दीपावली के ठीक 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी धर्म नगरी काशी पहुंचे। इस मौके उनके साथ उनकी बेटी प्रत‍िभा थीं।काशी के खिड़कियां घाट पहुंचकर बीजेपी के संस्थापक ने देव दीपावली का उत्सव मनाया। आपको बता दें कि 8 नवंबर को लाल कृष्ण आडवाणी 90 वर्ष के होने जा रहे है। लेकिन हिंदू माह के मुताबिक आडवाणी का जन्मदिन (8 नवंबर 1927) दीप दिपावली के दिन ही हुआ था। इस लिए 8 नवंबर से चार दिन पहले ही आडवाणी ने कुछ अलग तरह से अपना जन्मदिन मनाया। आडवाणी ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही घाट के किनारे 90 दीप प्रज्ज्वलित कर अपना जन्मदिन मनाया।

इस मौके पर अाडवाणी की बेटी प्रतिभा ने मीडिया को बताया कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हमें देव दीपावली पर काशी (वाराणसी) आने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि 8 नवंबर 1927 के दिन भी देव दीपावली मनाई गई थी। इसी लिए हम कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपवली के दिन यहां आए है।

आपको बता दें कि वाराणसी में देव दीपावली देखने शनिवार को 2 लाख से अध‍िक श्रद्धालु जुटे थे।  काशी नगरी में देव दीपावली की शाम राजेंद्र प्रसाद, दशाश्वमेध, अहिल्या बाई और मानमंदिर घाटों पर दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ थी। राजेंद्र प्रसाद घाट पर आरती देखने गुजरात की पूर्व सीएम आनंदी बेन पटेल भी पहुंची थी।

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