नई दिल्ली: एक रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों में से लगभग आधे के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो 2014 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है. ओडिशा इलेक्शन वॉच (ओईडब्ल्यू) और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले चुनाव में, कुल विधानसभा सदस्यों में से 52 (35 प्रतिशत) विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने का पता चला था.ओडिशा इलेक्शन वॉच के प्रदेश संयोजक रंजन कुमार मोहंती ने कहा कि विधायकों द्वारा दिये गये हलफनामों के मुताबिक, नए सदन में 67 विधायक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से 49 पर उनके खिलाफ अपहरण, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘2014 के चुनावों में, कुल विधायकों में से 52 विधायक (35 प्रतिशत) पर आपराधिक मामले दर्ज थे. इस बार यह संख्या 67 (46 प्रतिशत) है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजद में आपराधिक मामलों वाले नव निर्वाचित विधायकों की संख्या अधिक है.बीजद के 112 विधायकों में से कम से कम 46 विधायकों ने चुनाव के दौरान हलफनामों में आपराधिक मामलों का उल्लेख किया है, जिनमें से 33 पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं . भाजपा के चुने गए 33 विधायकों में से 14 पर आपराधिक मामले चल रहे हैं, जिनमें से 10 के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज हैं. इसी तरह, नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों के हलफनामों से पता चलता है कि विधानसभा के लिए चुने गए उनके नौ में से छह विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
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